अब दिल्‍ली के थानों में बच्चों के लिए खिलौने और किताबों से भरे होंगे रंग-बिरंगे कमरे

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6:24 pm 16 Jan, 2017

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दिल्ली पुलिस ने एक अनूठी कवायद शुरू की है। इसका मकसद अपराध पीड़ित, हिंसा अथवा अपराध में अकेले बचे अपराधी बच्चों को एक सकरात्मक दिशा दिखना है। इस मुहीम के तहत पुलिस थानों मे विशेष सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यहां के कमरे की दीवारें रंग-बिरंगी तो होंगी ही, साथ में खिलौनों और बच्चों की किताबों से भरी होंगे।

इस अनूठी कवायद में दिल्ली पुलिस का साथ देगा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और यूनिसेफ। आयोग और यूनिसेफ ही इस प्रस्तावित योजना के लिए निर्देशिका तैयार करेंगे।

इस प्रस्ताव के तहत पुलिस थानों और पुलिसकर्मियों की रंगत बदली सी नज़र आएगी। थाने में प्रवेश और निकासी के जहां अलग-अलग दरवाजे होंगे। वहीं, पुलिसकर्मीयों सादी वर्दी में तैनात होंगे। आवश्यक रूप से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती अधिक संख्या में की जाएगी। साथ ही इस तरह के विशेष कमरों को खिलौने और कार्टून जैसी सुविधाओं से लैस करने की सलाह दी गई है।

खबर के अनुसार पिछले सप्ताह सभी 13 जिलों के एसीपी-एसजेपीयू (विशेष जुवेनाइल पुलिस यूनिट) सदस्य, एनसीपीसीआर के अधिकारी और यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में एक बैठक की थी। इसके बाद ही इस मुहीम को आदर्श थाने के तहत लागू करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस मुहीम के संबंध में महिला और बच्चों के लिए गठित विशेष पुलिस युनिट के निरीक्षक एसएस मल्हान कहते हैंः

“हमने सभी को इस प्रकार के पुलिस थानों की पहचान करने के निर्देश जारी किए हैं, जहां इस प्रकार की व्यवस्था की जा सकती है। हम पहले एक आदर्श पुलिस थाने में यह व्यवस्था लागू करेंगे और इसके बाद प्रत्येक जिलों के थानों में बच्चों के अनुकूल व्यवस्था की जाएगी।”

सूत्रों की मानें तो यह अनूठी मुहीम फरवरी से शुरू होनी। यह मुहीम पुलिस थानों का चेहरा बदलने में और अपराध में लिप्त बच्चों के व्यक्तित्व विकास में कारगर साबित हो सकती है।


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