20 साल बाद मुंबई के वर्सोवा बीच पर लौट आए कछुए

Updated on 11 Sep, 2018 at 6:47 pm

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“मैं अकेला ही चला था जानिबे मंजिल, मगर लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया।”

 

लगभग 20 साल बाद मुंबई के वर्सोवा बीच पर कछुओं को आता देख अफरोज शाह भी कुछ ऐसा ही महसूस कर रहे हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि यह शख्स है कौन। दरअसल, अफरोज शाह वो हैं, जिनकी वजह से लगभग दो दशक बाद मुंबई के वर्सोवा बीच पर दुलर्भ प्रजाति के कछुए लौट आए हैं। कछुओं के समुद्री तट पर वापसी का श्रेय पूरी तरह इन्हीं को जाता है। इस शख्स ने अपनी मेहनत से वर्सोवा बीच को इस लायक बना दिया कि कछुए यहां पर दोबारा नजर आने लगे हैं।

 

 

सालों से वर्सोवा बीच मुंबई का डंपिंग ग्राउंड बन गया था। इस बीच की दशा बेहद खराब थी। संबंधित विभाग के सामने मामला कई बार आया, लेकिन कुम्भकर्णी नींद में डूबे अधिकारियों ने कभी इस तट की सुध नहीं ली और हालात बदतर होते गए।

 

 

साल 2015 में अफ़रोज और उनकी टीम ने इस बीच को साफ करने का बीड़ा उठाया। पूरे बीच को साफ करने के लिए उन्हें 127 हफ्तों की कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इस बीच को साफ करने के लिए अफरोज अकेले चले थे, लेकिन धीरे-धीरे कारवां बनता गया। सरकारी एजेन्सियों और फिल्म स्टार्स ने भी इस अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

संयुक्त राष्ट्र की ओर से इस सफाई अभियान को विश्व का सबसे बड़ा सफाई अभियान करार दिया गया था।

 


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महीनों की मेहनत के बाद अफ़रोज और उसके साथियों ने मिलकर पूरे बीच की कायापलट कर दी। बीच की सफाई हो जाने के बाद अफरोज और उनकी टीम को बीच पर कई नवजात कछुए मिले। करीब दो दशक बाद मुंबई बीच पर कछुओं को देख अफरोज काफी भावुक हो गए।

 

 

अफरोज ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी, साथ ही कछुओं की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। इसकी सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तट का जायजा लिया। तट पर कछुओं की दुलर्भ प्रजाति को देखकर वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी खुशी जाहिर की है। ये ऑलिव रिडले प्रजाति के कछुए हैं।  ये कछुए दुनिया के सबसे छोटे समुद्री कछुओं की श्रेणीं में आते हैं। अब यह बीच एक बार फिर कछुओं के लिए मुफीद जगह बन चुका है।

 

 

 

कछुए धरती के सबसे पुराने जीवों में से एक है, लेकिन जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और समुद्र तटों पर फैल रही गंदगी ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। वाकई अफ़रोज और उनके साथियों ने मिलकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है ।

 

 

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