टोक्यो में बना है बिल्लियों को समर्पित यह मंदिर, इससे जुड़ी कहानी है बेहद रोचक

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Updated on 8 Aug, 2018 at 7:17 pm

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दुनियाभर में मौजूद कई मंदिरों के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन टोक्यो में एक ऐसा अन्दिर है जो बिल्लियों को समर्पित है। जी हां, जापान की राजधानी टोक्यो में बने इस मंदिर का नाम गोटोकुजी मंदिर है। इस मंदिर में हजारों की तादात में बिल्लियों की मूर्तियां मौजूद हैं। सफेद रंग की इन बिल्लियों को बतौर गुड लक के तौर पर देखा जाता है। इन भाग्यशाली बिल्लियों को ‘मानेकी नेको’ या ‘बेकनिंग बिल्ली’ कहा जाता है।

 

मंदिर में एक पंजा ऊपर किए स्थापित इन बिल्लियों की मूर्तियों की संख्या 10,000 के करीब है। जापानी संस्कृति में इन बिल्लियों को भाग्य और समृद्धि के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।

 


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इस मंदिर से जुड़ी लोकप्रिय किवदंती के अनुसार, 15 वीं शताब्दी में गोटोकुजी मंदिर में हुई एक घटना ने बिल्लियों के प्रति लगाव को बढ़ाया। उस वक्त इस मंदिर के पुजारी की तामा नाम की एक बिल्ली हुआ करती थी।

 

एक दिन मंदिर से बाहर निकलने के दौरान, बिल्ली ने मंदिर के बाहर ही खड़े एक शक्तिशाली समुराई को अपना दाहिना पंजा उठाते हुए मंदिर परिसर के अन्दर बुलाया।

 

 

समुराई के मंदिर में प्रवेश करने के कुछ क्षण बाद ही एक तूफान आया और जिस पेड़ के नीचे पहले वो समुराई खड़ा था वो गिर पड़ा। ये देख वहां खड़ा हर शख्स हैरान रह गया। इस तरह से उस पुजारी की बिल्ली ने समुराई की जान बचाई।

 

 

जब उस बिल्ली की मृत्यु हुई, तो उसकी एक मूर्ति बनाई गई। उसी बिल्ली को आज जापान सहित एशिया के कई हिस्सों गुड लक के रूप में माना जाता है।

 



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जापान और एशिया के कई भागों में लोग एक पंजा उठाई हुई इन बिल्लियों की मूर्तियां अपने ऑफिस और दुकानों में रखते हैं।

 

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got ma good lucks

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इस मंदिर को देखने दुनियाभर से सैलानी आते हैं। यह मंदिर अपने आप में आकर्षण का केंद्र है।

 

 


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