पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी प्रचंड बहुमत की ओर

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Updated on 19 May, 2016 at 12:22 pm

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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एक बार फिर सरकार बनाने की तरफ अग्रसर हैं।विधानसभा चुनावों के अब तक के मिले नतीजों से यह साफ है कि तृणमूल कांग्रेस की आंधी में वामदल और कांग्रेस गठबंधन टिक नहीं सका है।

तृणमूल कांग्रेस न सिर्फ सत्ता में वापसी करती दिख रही है, बल्कि उसकी सीटें पिछली बार की तुलना में अधिक होने के आसार हैं।

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर छह चरणों में मतदान हुआ था। राज्य में करीब 80 फीसदी वोटिंग हुई थी। वामदलों ने इस बार कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, ताकि ममता बनर्जी की सरकार को हटाकर सत्ता पर काबिज हुआ जा सके, लेकिन नतीजे जिस तरह के आ रहे हैं उससे उसके मंसूबों पर पानी फिर गया लगता है।

वर्ष 2011 के विधानसभा चुनावों में वामदलों को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को 184 तथा वामदलों को 62 सीटें हासिल हुईं थीं। इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भी 46 सीटें मिलीं थीं।



पिछले पांच साल में ममता बनर्जी सरकार को सांप्रदायिकता, शारदा घोटाला, रेप की बढ़ती वारदातों के कारण विपक्ष ने निशाना बनाया था।

चुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस घूसकांड विवाद में घिर गई थीं। एक स्टिंग विडियो जारी किया गया था, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के तमाम नेता घूस लेते हुए दिखाई पड़ रहे थे। कोलकाता में फ्लाईओवर दुर्घटना मसले पर भी ममता बनर्जी की सरकार को घेरने की कोशिश की गई थी।

हालांकि, विपक्ष के तमाम आरोप सिफर रहे और जनता ने अपना मन पहले ही बना लिया था।


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