अब गंगा नदी में कचरा फेंकने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना

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Updated on 13 Jul, 2017 at 2:09 pm

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गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने की पहल जारी है। इसी क्रम में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा के किनारों से 100 दूर तक का इलाका नो डेवलपमेंट जोन घोषित कर दिया है। साथ ही NGT का कहना है कि गंगा नदी के किनारे से 500 मीटर की दूरी तक कचरा नहीं फेंका जाना चाहिए। NGT के मुताबिक, गंगा नदी में कचरा डालने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।


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NGT ने गंगा किनारे बने चमड़े के कारखानों को दूसरी तरफ शिफ्ट करने का आदेश दिया है। इसके लिए 6 सप्ताह का समय दिया गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को गंगा और उसकी सहायक नदियों के घाटों पर होने वाली धार्मिक गतिविधियों के लिए गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।



इससे पहले उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंगा नदी को जीवित नदी का दर्जा दिया था। हालांकि, इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। वहीं, उत्तराखंड उच्च न्यायालय के फैसले प्रेरणा लेते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नर्मदा नदी को जीवित नदी का दर्जा देने की घोषणा की थी।

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड की पार्लियामेंट ने हेंगनुई नदी को बचाने के लिए उसे living entity का दर्जा दिया। यह नदी 145 किलोमीटर लंबी है।


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