3 साल की इस बच्ची को मिला है देवी का दर्जा, जानिए क्या है मामला

Updated on 29 Sep, 2017 at 12:44 pm

Advertisement

नेपाल में तीन साल की एक बच्ची को देवी का दर्जा दिया गया है और यहां की पुरातन संस्कृति के मुताबिक पूजा-अर्चना की गई। बच्ची का नाम तृष्णा शाक्य है। बच्ची को लाल वस्त्र में उसके निवास स्थान से काठमांडू के ऐतिहासिक दरबार स्क्वायर ले जाया गया। यहां देवी पूजन के लिए एक छोटे समारोह का आयोजन किया गया था। अब तृष्णा अगले 13 साल तक बतौर देवी लोगों के समक्ष उपस्थित रहेगी।

तृष्णा का चुनाव चार उम्मीदवारों में से किया गया है।

दरअसल, नेपाल में जीवित देवी के तौर पर बच्ची का पूजन करने की पुरानी परंपरा रही है और कुंवारी देवी को देवी तलेजु का अवतार माना जाता है।

इस रिपोर्ट में तृष्णा के पिता बैजया रत्न शाक्य के हवाले से बताया गया हैः


Advertisement

“मेरे अंदर मिलाजुला भाव है। मेरी बेटी कुंवारी बन गई ये एक अच्छी बात है। लेकिन, इसके साथ ही मुझे दुख भी है, क्योंकि वह अब हमसे अलग हो जाएगी।”



नेपाल में सदियों से जारी इस परंपरा का विरोध भी होता रहा है। बाल अधिकार कार्यकर्ता मानते हैं कि बच्ची को देवी बनाने से उसका बचपन खत्म कर दिया जाता है। समाज से अलग कर देने पर उनके विकास और शिक्षा पर विपरीत असर पड़ता है।

गौरतलब है कि इससे संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जारी किया था कि जीवित देवी को शिक्षित किया जाना चाहिए। उन्हें न केवल पढ़ाया जाना चाहिए, बल्कि परीक्षा में भी शामिल होने की इजाजत देनी चाहिए।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement