दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाओं वाला देश का पहला रेलवे स्टेशन बना तिरुवनंतपुरम

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Updated on 3 Mar, 2017 at 4:25 pm

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तिरुवनंतपुरम का सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश का पहला ऐसा स्टेशन बन गया है, जहां दिव्यांगों को ध्यान में रखते हुए व्हीलचेयर सुविधा और ट्रेन पर चढ़ने के लिए रैंप की व्यस्वस्था की गई है। दक्षिणी रेलवे के आधिकारिक आदेश के बाद इसकी शुरुआत कर दी गई है।

दिव्यांगों को मिली इस सुविधा का अगर सबसे ज्यादा श्रेय किसी को जाता है, तो वो हैं विराली मोदी।

आपको बता दें कि मिस व्हीलचेयर इंडिया की रनर अप रही वीराली मोदी का भारतीय रेलवे में एक यात्रा के दौरान बुरा अनुभव रहा था। वीराली मोदी ने इसके बाद ऑनलाइन पेटिशन चलाई। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  के नाम खुला खत लिखते हुए भारतीय रेलवे में दिव्यांगो को होने वाली असुविधा का जिक्र किया।

Change.org पर डाली गई अपनी इस ऑनलाइन पेटिशन पर विराली मोदी ने उन तीन मौकों का जिक्र किया था, जब उन्हें कुलियों द्वारा अनचाहे स्पर्श और एक तरह के अपमान का सामना करना पड़ा।

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विराली मोदी

विराली ने अपने इस खत में सरकार के सामने कुछ मांगे रखी थी, जिनमें से एक थी कि हर ट्रेन में दिव्यांगों के लिए ऐसे कोच होने चाहिए, जिनमें वे आसानी से चढ़ सकें।

विराली के इस पेटिशन को 10,00,000 से अधीक लोगों का समर्थन मिला। यह मामला दक्षिणी रेलवे के ध्यान में एक पूर्व मंडल रेल प्रबंधक सुनील बाजपेयी द्वारा लाया गया।



दक्षिणी रेलवे ने इस मसले पर संज्ञान लेते हुए मुख्य वाणिज्य प्रबंधक अजीत सक्सेना ने 20 फरवरी को आधिकारिक पत्र जारी किया। इस पत्र में ट्रेन पर चढ़ने के लिए दिव्यांगों को पोर्टेबल रैंप और फोल्डएबल व्हीलचेयर की सुविधा मुहैया कराने की की बात कही गई।

एक व्हीलचेयर की सामान्य चौड़ाई 24 इंच होती है, लेकिन रेलवे 22 इंच की और 17 इंच की चौड़ाई वाली दो फोल्डएबल व्हीलचेयर उपलब्ध कराएगी, जिससे आसानी से ट्रेन में चढ़ने में सुविधा होगी।  65 रुपये देकर रेलवे द्वारा इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।

इस कदम के साथ ही दक्षिणी रेलवे ने रेलवे में महिला कर्मचारियों की उपस्थिति को भी सुनिश्चित किया है।


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