‘तानाशाह’ टीपू सुल्तान के बारे में 5 बातें जो शायद ही आपको पता हो।

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Updated on 31 Oct, 2015 at 1:26 pm

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‘मैसूर का शेर’ कहे जाने वाले टीपू सुल्तान को भारत के सबसे शक्तिशाली शासकों में से एक माना जाता है। बेहद कम उम्र में ही अपने पिता की वजह से वह राजनीति और सैन्य संपर्क में आ गया। संभवतः यह एक बड़ी थी कि उसे प्रभावशाली लीडर के रूप में विकसित होने का मौका मिला।

अपने शासनकाल के दौरान टीपू को स्नेह भी मिला और साथ ही साथ वह घृणा का पात्र भी बना। स्नेह, एक महानतम शासक के रूप में और घृणा एक ऐसे व्यक्ति के लिए जो विदेशी ताकतों के खिलाफ इसलिए नहीं लड़ा, क्योंकि इसके पीछे उसका स्वार्थ- देश भर में इस्लामी शासन स्थापित करना था।

माना जाता है कि टीपू सुल्तान का व्यवहार गैर-मुसलमानों के प्रति निर्दयी रहा था। यही वजह है कि कई इतिहासकारों ने टीपू सुल्तान को तानाशाह कहा है।

आइए हम आपको टीपू सुल्तान से जुड़े ऐसे कुछ तथ्यों से परिचित कराते है जिनके बारे में शायद ही आपको पता हो।

1. जगहों का नाम बदलकर मुस्लिम नामों पर रखा

प्रसिद्ध मुस्लिम इतिहासकार किरमानी और गुलाम मोहम्मद ने अपने लेखन में टीपू सुल्तान से जुड़े यथार्थ उजागर किए है। उनके अपने बेटे ने भी उनसे जुड़े तथ्यों का खुलासा किया। टीपू सुल्तान अपने आसपास की चीजों का इस्लामीकरण चाहता था। यही वजह है कि कई स्थानों के नाम इस्लामिक नाम में परिवर्तित कर दिए गए।
उदाहरण के तौर पर, मंगलोर या मंगलापूरी का नाम बदलकर जलालाबाद, मैसूर से नज़ाराबाद, बेपुर से सुल्तानपटनम, गूटी से फैज़-हिसार, डिंडीगुल से ख़ालिकाबाद, रत्नागिरी से मुस्तफाबाद, कोज़हीकोडे से इस्लामाबाद, ऐसे कई जगहों के नाम टीपू सुल्तान के राज में परिवर्तित हुए। टीपू की मृत्यु के बाद ही इन सभी स्थानों के नाम एक बार फिर पुराने रूप में परिवर्तित किए जा सके थे।

Renamed Places with Muslim Names

2. टीपू ने इस्लामी ज्यादतियों की सारी सीमाएं पार कर दी

कर्नल फुल्लार्टों की एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलोर में उस वक़्त के ब्रिटिश सेनाबल के प्रभारी पद में तैनात टीपू सुल्तान ने 1783 में अपने पालघाट फोर्ट के अधिग्रहण के दौरान ब्राह्मणों पर अत्याचार किए और बर्बरता की सारी हदें पार कर दी। टीपू सुल्तान ने अपनी क्रूर गतिविधियों से ब्राह्मणों को भयभीत कर रखा था। उसके सैनिक हिन्दुओं को मार कर उनके सिरों को ज़मोरिन किले पर लटका दिया करते थे। ज्यादती बढ़ने के साथ ही आखिर में ज़मोरिन ने इस किले का परित्याग करने का निर्णय लिया, ताकि उन्हें और हिंदुओं को टीपू सुल्तान के इन बर्बर अत्याचारों का और साक्षी न बनना पड़े।
टीपू सुल्तान यही नहीं रुका। अपनी क्रूरता को जारी रखते हुए हिन्दुओं से लड़ने और उनका संहार करने केरल रवाना हुआ। हालात यह थे कि टीपू और उसकी सेना आगे न बढ़ पाए इसके लिए राजाओं को अंग्रेज़ो से मदद की गुहार लगानी पड़ी थी।

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He Touched Heights of Islamic Brutalities

3. हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन कर मुसलमान बनाया

टीपू सुल्तान के सैन्य अभियानों को “मालाबार मैनुअल” और “वॉयेज टू ईस्ट इंडीज” सहित कई ऐतिहासिक संदर्भों में क्रूर और अमानवीय बताया गया है। उसने कई हिन्दुओं उनकी मर्ज़ी के खिलाफ धर्मान्तरण कर दिया।
माना जाता है कि कूर्ग में एक हजार से ज़्यादा हिन्दुओं को श्रीरंगापट्नम किले में कैद कर उनका जबरन धर्म-परिवर्तन कर दिया गया। बाद में ब्रिटिश और टीपू सुल्तान के बीच अंतिम लड़ाई के दौरान इस किले से हिंदू कैदी भाग निकलने में सक्षम रहे। बाद में उन्होंने एक बार फिर हिन्दू धर्म अपनाया।

He Converted Hindus into Muslims

4. टीपू एक सम्राट बनना चाहता था

टीपू सुल्तान एक बादशाह बन कर पूरे देश पर राज करना चाहता था। अंग्रेज़ों को परास्त करने के पीछे उसकी मंशा यही थी। दिलचस्प बात यह है कि उसने अपनी इस अभिलाषा के बारे में कई ब्राह्मण ज्योतिषियों से परामर्श लिया था। उसकी बादशाह बन देश पर राज करने की अभिलाषा को और तूल मिल गया जब ज्योतिषियों ने यह भविष्यवाणी की कि उसकी बादशाह बनने की मनोकामना पूरी हो सकती है।
इस बात से प्रोसाहित टीपू सुल्तान ने वह सब किया, जो श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर में उसे करने को कहा गया। वह इतना प्रसन्न था कि उसने ज्योतिषियों को पुरस्कृत भी किया। आखिरकार जब वह अपने लक्ष्य को पाने में असमर्थ रहा, तब कहीं जाकर लोगों का भ्रम टूटा कि वह अपने देश की संस्कृति और परंपरा का सम्मान और प्रेम नहीं बल्कि खुद की अभिलाषाओं से प्रेम करता है।
Tipu Wanted to Be an Emperor

5. टीपू ने मंदिरों का ध्वंश किया

अपने शासनकाल के दौरान, टीपू सुल्तान के प्रमुख लक्ष्यों में से एक मालाबार में मंदिरों को नष्ट कर, इस्लामिक राज्य की स्थापना करना था। लुईस बी जैसे इतिहासकारों ने हिंदुस्तान में टीपू सुल्तान द्वारा हिन्दुओं पर किए गए अत्याचारों को नादिर शाह, अलाउद्दीन खिल्जी की क्रूरता से भी अधिक निर्दयी बताया है। इतिहासकार विलियम लोगन ने अपनी “मालाबार मैनुअल” में टीपू सुल्तान द्वारा ध्वस्त किए गए कुछ प्रसिद्ध मंदिर, थलिप्पारमपु मंदिर, थ्रिचैम्बरम्‌ मंदिर, तेल्लीचेर्री का थिरुवंगतु मंदिर का ज़िक्र किया है।

टीपू सुल्तान ने जो कुछ भी किया वो उसके हिन्दुओं के प्रति द्वेष का नतीजा था। टीपू ने अपने विरोधियों को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया था। अनगिनत महिलाएं और बच्चे भी टीपू सुल्तान के ज़ुल्मों का शिकार बने।

Tipu Destroyed Hindu Temples

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