भारत के पूर्वोत्तर की इन 14 खूबियों के बारे में आपको शायद ही पता होगा

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Updated on 4 Mar, 2017 at 6:50 pm

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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल पीबी आचार्य का कहना है कि भारतीयों को अमेरिका के बारे में अधिक पता है, लेकिन देश के पूर्वोत्तर के बारे में उन्हें कुछ खास जानकारी नहीं है। यह एक हद तक सही भी है। पूर्वोत्तर राज्यों की शिकायत होती है कि उन्हें देश के बाकी राज्यों की तरह नहीं देखा जाता है, बल्कि भेदभाव सहना उनकी नियती है। इस संदर्भ में हम यहां पूर्वोत्तर के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां लेकर आए हैं जो आपको जरूर जानना चाहिए।

पूर्वोत्तर में आठ राज्य हैं। ये राज्य हैं, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, असम, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम व नगालैंड।

पूर्वोत्तर में 220 बोलियां बोली जाती हैं।

पूर्वोत्तर भारत का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जिसे मुगल अपने अधीन नहीं कर सके थे।

अहोम वंश ने इस क्षेत्र पर करीब 600 सालों तक राज किया। यह भारत के इतिहास में सबसे अधिक दिनों सत्ता में रहने वाला राजवंश रहा है।

दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप माजुली पूर्वोत्तर में ही है।

साथ ही दुनिया का सबसे छोटा नदी द्वीप का दर्जा हासिल करने वाला उमानंदा भी यहीं स्थित है।

भारत के सात प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान पूर्वोत्तर में हैं।

शिलांग को भारत का रॉक कैपिटल कहा जाता है।

मेघालय के मौसिनरम में दुनिया में सबसे अधिक बारिश होती है।

असम का शॉलकुची गांव अपने सिल्क फैब्रिक के लिए दुनिया भर में विख्यात है।

मुगा नामक गोल्डेन सिल्क का निर्माण सिर्फ असम में होता है।

मेघालय का माओलिनांग गांव एशिया का सबसे साफ-सूथरा गांव है।

भारत में पाए जाने वाले ऑर्किड के अधिकतर फूल पूर्वोत्तर से ही आते हैं। जी हां, 70 फीसदी से अधिक।

मिजोरम और त्रिपुरा ऐसे राज्य हैं जहां साक्षरता दर अधिक है।

पूर्वोत्तर में दहेज प्रथा का प्रचलन नहीं है।


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हमने यहां जो कुछ भी जानकारियां दी हैं, वह पूर्वोत्तर की तमाम खूबियों का एक छोटा सा हिस्सा भर है।

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