जरूरत से ज्यादा अच्छे लोगों के साथ ही हो सकती हैं ये 10 बातें

Updated on 21 Jun, 2018 at 10:53 am

Advertisement

अच्छे लोग अब कम ही कम ही मिलते हैं। हमें बचपन से ही सिखाया जाता है कि दूसरों के साथ अच्छी तरह से बर्ताव करो और दूसरों की मदद करो। हालांकि, आज के दौर में जहां हर इंसान अपने स्वार्थ के लिए जीता है, वहां अच्छा और कई बार जरूरत से ज्यादा अच्छा बनना आपके लिए भारी पड़ सकता है, क्योंकि आज के दौर ऐसे लोगों की इज्ज़त नहीं होती, बल्कि हर कोई उसका फायदा उठाने की कोशिश करता है। अगर आपके साथ भी नीचे बताई गई चीज़ें होती हैं, तो समझ जाइए कि आप ज़रूरत से ज़्यादा अच्छे हैं, और अगर नहीं होती तो चैन की सांस लेकर बैठ जाइए।

 

जरूरत से ज्यादा अच्छे लोग के साथ होती है ये समस्याएं।

 

1. आपको टेकने फॉर ग्रांटेड लिया जाता है

 


Advertisement

आपके ज़रूरत से ज़्यादा अच्छे बर्ताव की वजह से हर कोई अपनी निजी समस्याओं का बोझ आप पर डाल देता है। लोग आपकी अच्छाई को आपकी कमज़ोरी समझते हैं। इसलिए जब कभी आप अपने लिए कुछ करते हैं तो लोगों को हैरानी होती है।

 

 

2. आसानी से माफ कर देते हैं

 

किसी के सॉरी कहने पर आप तुरंत उसे माफ कर देते हैं। भले ही वह इंसान बार-बार एक ही गलती दोहरा रहा हो। ऐसा करके आप उस इंसान की गलतियों को भुला देते हैं और सामने वाले को लगता है कि आप तो माफ कर ही देते हैं तो आगे से फिर कोई गलती करने पर भी उसको पछतावा नहीं होगा।

 

 

3. आप आसानी से ना नहीं कह पाते

 

आप किसी का दिल नहीं दुखाना चाहते, इसलिए किसी काम के लिए ना नहीं कह पातें। इसलिए अधिकांश समय लोग अपने सारे काम का बोझ आप पर ही डाल देते हैं और आपकी अच्छाई आप पर भारी प़ड़ जाती है।

 

 

4. आप किसी भी तरह झगड़े से बचना चाहते हैं

 

कई बार किसी मुद्दे पर बहस चल रही होती है और आप उससे इरिटेट भी होते हैं लेकिन कहते नहीं क्योंकि आपको लगता है कि ऐसा कहने पर किसी को बुरा लग सकता है। कुछ गलत होने पर भी आप सिर्फ इस डर से चुप रहते हैं कि कहीं दो लोगों में झगड़ा न हो जाए तो ये अच्छी बात नहीं है, हमेशा गलत चीज़ को सहना ठीक नहीं है।

 

 

5. हर कोई शिकायत लेकर आपके पास आता है

 

चूकि आप हर किसी से सहानुभूति प्रकट करते हैं, इसलिए हर कोई सलाह मांगने और शिकायत करने के लिए आपके पास पहुंच जाता है। कई बार आपका मूड नहीं होता कि सामने वाली की बात सुनें, लेकिन आपकी अच्छाई आपको मजबूर कर देती है कि आप उसकी फिज़ूल की बात सुनें और उसकी मदद करें। एक तरह से आप लोगों के लिए डंपिंग ग्राउंड हैं, जहां लोग अपनी शिकायतों का ढेर लगा जाते हैं।

 

 

6. आपको लगता है कि गुस्सा करना आपके लिए सही नहीं होगा

 

आपको ऐसा लगता है कि अपने आसपास के लोगों के बीच सकारात्मकता फैलाना आपकी नैतिक जिम्मेदारी है। शायद बचपन से आप गुस्सैल लोगों के बीच रहे हैं इसलिए अपना गुस्सा ज़ाहिर नहीं कर पाते। किसी से नाराज़ होने पर भी गुस्से को आप खुद तक ही सीमित रखते हैं, क्योंकि आपको लगता है इसे जाहिर करने पर सामने वाले को बुरा लग सकता है।

 

 

7. विनम्र बने रहना सबसे महत्वपूर्ण है

 

आप किसी का दिल नहीं दुखा सकते, क्योंकि आपके अंदर विनम्रता कूट-कूटकर भरी हुई है। यहां तक कि बार-बार आने वाले एडवर्टाइज़िग वाले फोन कॉल्स को भी आप बड़े प्यार से हैंडल करते हैं।

 

 

8. आपको हर चीज़ से सहानुभूति होती है

 

आप शायद पैदा ही इसलिए हुए हैं कि अपने आसपास की सारी चीज़ों की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लें। भले ही इसमें आपको कितनी भी परेशानी क्यों न हो। अपने आसपास की हर चीज़ से आपको सहानुभूति होती है।

 

 

9. आप बात-बात पर सॉरी कहते हैं

 

ऐसा लगता है कि सॉरी शब्द आपकी ज़ुबान पर टेप रिकॉर्डर की तरह अटक गया है, आप हर बात के पीछे सॉरी बोलने लगते हैं, कई बार तो बिना गलती के भी।

 

 

10. आप हमेशा इस फेर में उलझे रहते हैं कि क्या करें और क्या न करें

 

क्या आप ऐसी परिस्थिति में फंसे है जब आप खुद से ही सवाल करते हैं कि क्या करना सही है और क्या गलत? आप हमेशा सही गलत के भावनात्मक उलझन में फंसे रहते हैं।

 

ज़रूरत से ज़्यादा अच्छे लोग (overly nice people)

ndtvimg


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement