मानो या ना मानोः इस गांव में 2-4 नहीं, सैकड़ों जुड़वा हैं

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Updated on 24 Jan, 2017 at 5:54 pm

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अगर आपको कोई कहे कि एक गांव, जहां करीब 2 हजार परिवार रहते हैं, में सैकड़ों जुड़वां रहते हैं, तो क्या आप विश्वास करेंगे? शायद नहीं। पर हां, यह सच है।

भारत में एक गांव ऐसा है, जहां 250 जुड़वां बच्चे रहते हैं। यह कोई काल्पनिक कथा नहीं, बल्कि सच्चाई है। कोधिनी नामक यह गांव केरल प्रदेश के मल्लापुरम जिले में है।

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सरकारी आंकड़ोें के मुताबिक, इस गांव में जुंड़वां बच्चों की संख्या भले ही 250 हो, लेकिन गैर आधिकारिक रूप से इनकी संख्या 350 से अधिक है। हैरानी की बात तो यह है कि जुड़वा बच्चों की यह गिनती हर साल बढ़ती ही जा रही है।

आखिर ऐसा हो क्यों रहा है, इसका जवाब न तो डॉक्टरों के पास है, और न ही विज्ञान के पास।

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स्थानीय डॉक्टर मानते हैं कि ये लोग कुछ ऐसा खाते हैं, जिससे जुड़वा बच्चे जन्म लेते हैं या फिर यह संभवतः कोई अनुवांशिक क्रिया है। प्रामाणिक जवाब न मिल पाने के कारण जुड़वा बच्चों का यह गांव एक बहुत बड़ा रहस्य बना हुआ है।

इस गांव की विशेषता है कि यहां की युवतियां, जिनका विवाह गांव के बाहर हुआ, ने भी जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है।


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ग्रामीणों के मुताबिक, यहां सबसे पहले वर्ष 1949 में जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था। तब से लेकर आज तक यह सिलसिला चल रहा है। करीब 79 जुड़वां बच्चों की आयु 10 वर्ष से कम है।

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गौर करने वाली बात यह है कि भारत में जुड़वां सन्तान का औसत दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बेहद कम है। बहरहाल, कोधिनी गांव में ट्विन्स एन्ड किन्स एसोसिएशन नामक एक संस्था की स्थापना की गई है, जो यहां होने वाली गतिविधियों का रिकॉर्ड रखती है।

फोटो साभारः ओसेन्ट्रल

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