कहते हैं इस गांव में रहते हैं सिकन्दर के वंशज; पर यह मशहूर किसी और वजह से है।

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Updated on 26 Nov, 2015 at 10:07 am

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इस स्थान को दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में एक कहा जाता है और यहां के लोग भारतीय व्यवस्था से खुद को अलग मानते हैं। जी हां, यहां बात हो रही है, हिमाचल प्रदेश के मलाना गांव की। कुल्लू जिले में स्थित इस गांव को करीब डेढ़ दशक पहले खोजा गया था, तो सभी हैरान रह गए। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वह यूनानी शासक सिकन्दर के वंशज हैं।

सिकन्दर के वंशज हैं मलानावासी

दंतकथाओं के मुताबिक, सिकन्दर जब भारत आया था, तब कुछ बीमार सैनिक उसके साथ नहीं जा सके थे और उन्होंने यह गांव बसा लिया। समुद्र तल से करीब 13 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित इस गांव में जमकर बर्फबारी होती है। और तो और वर्ष 1999 तक इस गांव के बारे में बाहरी दुनिया के लोगों को पता भी नहीं था।

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यहां रहने वाले 3 हजार लोगों की अलग ही दुनिया थी। इनकी अपनी पुलिस, नीचली अदालत और ऊपरी अदालत है। यहां तक कि अगर भारतीय ही इन्हें छुए तो ये पसन्द नहीं करते। यह स्थान शहरी ग्लैमर से अछूता है।

गांव का प्रशासन जामूला ऋषि देवता, इस क्षेत्र की मुख्य देवता, के 11 प्रतिनिधियों द्वारा संचालित है। ये प्रतिनिधि देवता के नाम पर निर्णय लेते हैं और उनके फैसलों को चुनौती नहीं दी जाती है। ये कहते हैं कि इनकी जाति दुनिया में सबसे अनोखी और उच्च दर्जे की है। यहां के लोग ‘कनाशी’ नाम बोली बोलते हैं, जिसे संस्कृत और तिब्बती बोलियों का एक मिश्रण माना जाता है।

चरस के कारोबार की वजह से हुआ कुख्यात

मलाना यहां उगने वाली मादक पदार्थ चरस की वजह से भी कुख्यात हो गया है। इसे दुनिया भर में मलाना क्रीम के नाम से जाना जाता है। मादक पदार्थ का अवैध कारोबार यहां धड़ल्ले से होता है। यहां उगने वाली चरस का नशा कई गुना अधिक होता है।

ऊंचे-ऊंचे पहाड़, मीलों तक वीरानगी और बीच-बीच में जंगल की वजह से प्रशासन चरस के इस व्यापार पर अंकुश नहीं लगा सका है।

माना जाता है कि यहां की मिट्टी की खासियत की वजह से चरस के पौधे सिर्फ 15-20 दिनों में ही 30 फुट तक बढ़ जाते हैं। और तो और इसका अवैध कारोबार करने वाले लोग चरस ले जाने के लिए निजी हेलीकॉप्टरों का उपयोग करते हैं।

विदेशी बीज से होने वाली चरस की खेती का पता प्रशासन नहीं लगा पाता। इसकी खेती नष्ट करना तो दूर की बात है, प्रशासन अब तक यही नहीं पता लगा पा रहा है कि चरस कहां उपजाया जाता है।


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