27 जुलाई को सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, लगभग 4 घंटे तक रहेगा असर

Updated on 21 Jul, 2018 at 9:32 am

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ग्रहण एक दिव्य खगोलीय घटना है, जिसको लेकर सभी में जिज्ञासा रहती है। विक्रमी संवत् 2075 में कुल पांच ग्रहणों के योग बन रहे हैं। इनमें 2 चंद्र ग्रहण और 3 सूर्य ग्रहण शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन ग्रहणों में से सिर्फ एक ग्रहण ही भारत में दिखाई पड़ सकता है जो 27 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण है।

आइए जानते हैं इस चंद्रग्रहण की खास बातें।

 

 

उसी दिन गुरु पूर्णिमा भी है। 104 साल के बाद इस प्रकार का चंद्रग्रहण लगने वाला है, जो 3 घंटे 54 मिनट का होगा। ज्योतिषियों के अनुसार ग्रहण का असर सेना नायक, मंत्री, कथा वाचक, पंडित, उद्योगपति और प्रशासक समुदाय से जुड़े लोगों पर बुरा साबित हो सकता है। व्यापारियों की बात करें तो सुपारी, गुड़, तेल लाल रंग की वस्तु, चावल, सोना, घी के बिजनेस में लाभ हो सकता है।

 


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ग्रहण का सूतक दोपहर के समय शुरू होगा लिहाजा इस दिन दोपहर तक ही पूजा-पाठ हो सकेगा। चूंकि ग्रहण मकर राशि के नक्षत्र में है, जिससे कि सावधानी रखने की जरूरत होगी। ग्रहण 27 जुलाई को रात्रि 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर मध्यकाल रात 1 बजकर 54 मिनट पर होगा और इसकी समाप्ति 3 बजकर 49 मिनट पर होगी। उल्लेखनीय है कि ग्रहण के पहले एक घंटे 42 मिनट में चांद गहरे लाल रंग के साथ भूरे रंग का दिखेगा।

 

राशियों की बात करें तो यह मेष, सिंह, वृश्चिक, मीन के लिए यह ग्रहण सुखद रहेगा। जबकि वृष, कर्क, कन्या व धनु राशि वालों के लिए सामान्य हो सकता है। वहीं, मिथुन, तुला, मकर व कुंभ राशि वालों परइसका ज्यादा असर हो सकता है। ग्रहण का पूर्ण असर 3.49 मिनट तक रहेगा। इस अवसर पर मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे।

 

 

ज्योतिषियों के अनुसार ये ग्रहण मिलाजुला असर देने वाला होगा। बताते चलें कि यह भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोपीय देशों व अंर्टाकटिका में भी देखा जा सकेगा। इस अवसर पर मंगल ग्रह बड़ा और चमकीला दिखाई देगा। ऐसा ग्रहण साल 2099 तक दोबारा नहीं देखा जा सकेगा।

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