Advertisement

मंदिर में घंटी बजाने से समृद्धि के द्वार खुलते हैं, जानिए कई अन्य तथ्य

1:32 pm 23 Jul, 2017

Advertisement

जब भी हम कभी मंदिर जाते हैं तो इसके द्वार पर लगी घंटी बजाते हैं। इसके आध्यात्मिक व वैज्ञानिक कारण हैं। हिन्दू धर्म के मान्यताओं के मुताबिक, जिन स्थानों पर घंटियों की आवाज नियमित आती है, वहां से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है। साथ ही समृद्धि के द्वार खुलते हैं।

Wikimedia Commons

स्कंद पुराण के अनुसार मंदिर में घंटी बजाने से मानव के सौ जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

Wikimedia Commons

भारतीय मान्यताओं के मुताबिक, जब सृष्टि का आरंभ हुआ, तब जो नाद (आवाज) गूंजी थी। वही आवाज घंटी बजाने पर भी आती है। घंटी उसी नाद का प्रतीक है। यही नाद ‘ओंकार’ के उच्चारण से भी जागृत होता है।

Wikimedia Commons


Advertisement

माना जाता है कि घंटी बजाने से ईश्वर जागते हैं। मंदिर में स्थापित उनकी मुर्तियों में चेतना जागृत होती है। घंटी बजाने के बाद मंदिर में प्रवेश करने से पूजा और आराधना अधिक फलदायक होती है।

यही वजह है कि घंटी हमेशा मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगाई जाती है।

Wikimedia Commons

घंटी की आवाज से मन-मस्तिष्क आध्यात्म की तरफ जाता है। घंटी की लय से मस्तिष्क में शांति की अनुभूति होती है। यही वजह है कि मंदिरों में पूजा या आरती के समय विशेष धुन के साथ घंटियां बजायी जाती हैं।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement