मंदिर में घंटी बजाने से समृद्धि के द्वार खुलते हैं, जानिए कई अन्य तथ्य

Updated on 23 Jul, 2017 at 6:13 pm

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जब भी हम कभी मंदिर जाते हैं तो इसके द्वार पर लगी घंटी बजाते हैं। इसके आध्यात्मिक व वैज्ञानिक कारण हैं। हिन्दू धर्म के मान्यताओं के मुताबिक, जिन स्थानों पर घंटियों की आवाज नियमित आती है, वहां से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है। साथ ही समृद्धि के द्वार खुलते हैं।

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स्कंद पुराण के अनुसार मंदिर में घंटी बजाने से मानव के सौ जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

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भारतीय मान्यताओं के मुताबिक, जब सृष्टि का आरंभ हुआ, तब जो नाद (आवाज) गूंजी थी। वही आवाज घंटी बजाने पर भी आती है। घंटी उसी नाद का प्रतीक है। यही नाद ‘ओंकार’ के उच्चारण से भी जागृत होता है।

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माना जाता है कि घंटी बजाने से ईश्वर जागते हैं। मंदिर में स्थापित उनकी मुर्तियों में चेतना जागृत होती है। घंटी बजाने के बाद मंदिर में प्रवेश करने से पूजा और आराधना अधिक फलदायक होती है।

यही वजह है कि घंटी हमेशा मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगाई जाती है।

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घंटी की आवाज से मन-मस्तिष्क आध्यात्म की तरफ जाता है। घंटी की लय से मस्तिष्क में शांति की अनुभूति होती है। यही वजह है कि मंदिरों में पूजा या आरती के समय विशेष धुन के साथ घंटियां बजायी जाती हैं।

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