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सोशल मीडिया के सहयोग से होगा 350 साल पुराने मंदिर का पुनर्निर्माण

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3:22 pm 10 Nov, 2015

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ऐतिहासिक धरोहर को बचाने का ज़िम्मा अब आम लोगों ने उठा लिया है। इसी तर्ज पर राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्रीय इलाके में पड़ने वाले मेड़ता नामक गांव में 350 साल पूर्व बने संकट मोचन हनुमान मंदिर का पुनर्निर्माण होगा। खास बात यह है कि सोशल मीडिया के ज़रिये इसे दोबारा बनाने की धन राशि एकत्रित की गई है। जब यहाँ के स्थानीय लोगों को सरकार से कोई मदद नहीं मिली, तो यहाँ के नौजवानों ने सोशल मीडिया के जरिये खुद इस मंदिर के पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाया।

reconstruction of a temple

 

इस अभियान की अगुवाई करने वाले राव दिनेश सिंह का कहना है कि इस मंदिर की स्थापना साढ़े तीन सौ साल पहले संत लवार बावजी ने की थी। यहीं पर इस मंदिर के संस्थापक की धूनी और एक गुफा भी है। ऐसा माना जाता है कि यही वो जगह है जहाँ संकट मोचन हनुमान ने बावजी से प्रसन्न होकर उन्हें यहां विराजमान होने का वरदान दिया था। ऐसा भी प्रचलित है कि इस गुफा के अंदर से एक सुरंग सीधा हरिद्वार तक जाती है।


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यह गुफा सही रख-रखाव न होने के कारण ज़मीन के अंदर धंस गई है। अगर इस गुफा की खुदाई की जाए तो प्राचीन काल से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है। इस लिहाज़ से यहाँ के स्थानीय लोगों का मानना है कि इस जगह को पर्यटक स्थल बनाया जा सकता है।

सोशल मीडिया के ज़रिये जब इसके पुनर्निर्माण की खबर लोगों तक पहुंची, तो मात्र देश से ही नहीं बल्कि दुनिया के कई कोनों यूरोप, कनाडा, दुबई और अमेरिका से हनुमान भक्तों ने इस मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग करना शुरू किया।

बहुत जल्द ही इस मंदिर के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। मंदिर के निर्माण हेतु क्षेत्र के ग्राम पंचायत, जिला कलेक्टर, सांसदों और विधायकों से भी मदद मांगी गई है, ताकि इस ऐतिहासिक जगह को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप पहचान मिल सके।

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