टेडी बियर का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट के सम्मान में रखा गया था, लेकिन क्यों ?

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Updated on 10 Apr, 2017 at 12:03 pm

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चाहे बच्चे हों या बड़े, टेडी बियर से सभी प्यार करते हैं। बच्चों का यह पहला खिलौना होता है और जब वे कुछ बड़े होते हैं तो इसे सीने से चिपकाए रहते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि टेडी बियर का चलन कब शुरू हुआ? आपको शायद हैरानी होगी कि टेडी बियर नामक खिलौने का नाम अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट के सम्मान में रखा गया था, लेकिन क्यों?

दरअसल, मिसिसिपी शिकार यात्रा के दौरान रूजवेल्ट ने एक भालू को शूट करने से इन्कार कर दिया था।

कहानी कुछ ऐसी है कि वर्ष 1902 में अमेरिका में खदानों में काम करने वाले मजदूरों ने अधिक वेतन, काम के घंटों में कटौती तथा सुरक्षित कार्यक्षेत्र की मांग करते हुए हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया। करीब डेढ़ लाख से अधिक खदान मजदूर इस हड़ताल में शामिल हुए। इससे देश भर में कोयले की भारी कमी हो गई। खदान के मालिकों ने मजदूर यूनियन से बात करने से इन्कार कर दिया और यह हड़ताल लंबी चली। कोयले की भारी कमी की वजह से राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। महीनों तक चली बातचीत के बाद अक्टूबर महीने में सभी पक्षों के बीच आखिरकार एक समझौता हो गया।

wikimedia


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लगातार दबाव के बीच काम करने की वजह से राष्ट्रपति रूजवेल्ट छुट्टियों पर जाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने मिसिसिपी के गवर्नर एन्ड्रयू एच लोंगिनो का छुट्टियों पर जाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। इस घटना को मिसिसिपी शिकार यात्रा का नाम दिया गया

मिसिसिपी में शिकार के लिए कैम्प लगाए गए। राष्ट्रपति के इस टीम में बड़ी संख्या में घोड़े, शिकारी कुत्ते और लोगों के अलावा कुछ पत्रकार भी शामिल थे।

कैम्प के पहले दिन रूजवेल्ट और टीम को कहीं भालू नहीं दिखा। दूसरे दिन काफी तलाश के बाद करीब 235 पाउंड वजनी एक भालू को पकड़ लिया गया और इसे एक पेड़ से बांध दिया गया, ताकि राष्ट्रपति रूजवेल्ट उस पर गोली चलाकर उसकी हत्या कर सकें।

रूजवेल्ट ने जब असहाय भालू को पेड़ से बंधा देखा, तो उन्होंने कहाः



“मैं शिकार के लिए लगभग पूरे अमेरिका में घूमा हूं। मुझे गर्व है कि मैं एक शिकारी हूं, लेकिन एक बूढे हो चुके असहाय भालू को मारकर मुझे गर्व की अनुभूति नहीं होगी, वह भी तब जब यह पेड़ से बंधा हुआ हो।”

यह घटना अमेरिका के अखबारों में हेडलाइन्स बनी। 17 नवंबर 1902 को अमेरिकी अखबार द वाशिंग्टन पोस्ट में यह कार्टून छपा।

इस कार्टून से प्रभावित होकर, न्यूयॉर्क में एक स्टोर चलाने वाले मॉरिस मिसोम नामक एक व्यक्ति ने एक खिलौना भालू बनाया और इसे राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट को समर्पित किया। बताया जाता है कि इस खिलौना भालू को राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने खुद प्रमाणित किया और मॉरिस को इसे टेडी उपनाम रखने की इजाजत दी।

टेडी बियर बहुत कम समय में पूरे अमेरिका में हिट हो गया। मॉरिस ने कैन्डी बेचने का अपना धंधा बंद कर दिया और पूरी तरह टेडी बियर के बिजनेस में उतर गए।

टेडी बियर इस कदर हिट हुआ कि रूजवेल्ट ने वर्ष 1904 में इसे रिपब्लिकन पार्टी के चिह्न के रूप में अपनाने की इजाजत दे दी।

इस घटना के कई दशक बीत जाने के बावजूद टेडी बियर की लोकप्रियता में कमी नहीं आई है।


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