लव जिहाद की शिकार शूटर तारा शाहदेव को मिला तलाक, प्रताड़ना झेलने के बाद भी नहीं बदला अपना धर्म

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Updated on 29 Jun, 2018 at 5:48 pm

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नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव को पति रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन से तलाक मिल गया है। शाहदेव ने पिछले साल तलाक की अर्जी डाली थी, जिस पर फैसला सुनाते हुए रांची के फैमिली कोर्ट ने उन्हें तलाक की मंजूरी दी। सुनवाई के दौरान दोनों ही पक्ष कोर्ट में मौजूद थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्य जज ब्रजेश कुमार गौतम ने तलाक को मंजूर किया।

 

 


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तारा शाहदेव ने रंजीत सिंह कोहली नाम के शख्स के साथ साल 2014 में शादी की थी। दोनों की शादी हिन्दू रीती-रिवाज से हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही लड़का और उसके घरवाले तारा पर अत्याचार करने लगे।

 

 

फिर तारा को अपने पति की एक चौंकाने वाली सच्चाई पता चली। उन्हें पता चला कि उनके पति का नाम रंजीत सिंह नहीं, बल्कि रकीबुल हसन खान है। वो हिन्दू नहीं, बल्कि मुस्लिम है। रंजीत सिंह कोहली उर्फ़ रकीबुल हसन खान ने अपनी असली पहचान छिपाकर तारा से शादी की थी।

 

 

 

तारा के मुताबिक, उन्हें अपने पति की असलियत का तब पता चला जब उनके घर इफ्तार पार्टी का एक निमंत्रण आया। कार्ड पर रकीबुल हसन खान नाम लिखा हुआ था। कार्ड पर ये नाम देखकर तारा चौंक उठी थी। इसके बाद हकीकत परत दर परत खुलती चली गई।

 

 

पति की ये सच्चाई जानने के बाद तारा को समझ में आ गया कि उसने गलत इंसान को अपना जीवनसाथी चुन लिया है। रकीबुल उसको आए दिन प्रताड़ित करने लगा। मांग में सिंदूर लगाने पर तारा को हाथ-पैर तोड़ देने की धमकी दी गई।

 



 

 

यहां तक कि तारा पर जबरन धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जाने लगा। इसका विरोध करने पर उन्हें बुरी तरह मारा गया। कुत्तों से कटवाने की कोशिश भी की गई। इस बारे में बाहर मुंह खोलने को लेकर भाई को जान से मारने की धमकी तक दी गई।

 

 

 

अपने ऊपर हो रहे जुल्म से परेशान होकर आखिरकार तारा ने इनके खिलाफ कदम उठाने का फैसला किया। इस शादी को अवैध मानते हुए तारा शाहदेव ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीबीआई ने साल 2015 में इस केस की जांच शुरू की। करीब चार साल चले इस हाई प्रोफाइल केस में आज आखिरकार फैमिली कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और तारा शाहदेव को बड़ी राहत मिली।

 

 

कोर्ट के इस फैसले के बाद तारा शाहदेव ने बेहद खुशी और संतोष जताया। तारा शाहदेव ने इससे बड़ी जीत बताते हुए कहा कि अब उनकी जिंदगी से उस धोखेबाज का नाम मिट गया है और अब वह आजाद हैं।

 

 

वहीं, रकीबुल हसन उर्फ रंजीत कोहली ने कहा कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करता है, लेकिन फैसले से संतुष्ट नहीं है और इसके खिलाफ ऊपरी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।


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