तन्जानियाई महिला की पिटाई पर बवाल, कर्नाटक के मंत्री ने महिला का नाम सार्वजनिक किया

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Updated on 4 Feb, 2016 at 7:04 pm

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बेंगलुरू के निकट तन्जानिया की एक महिला की पिटाई और बदसलूकी के मामले में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। तन्जानिया हाईकमीशन ने दावा किया है कि यह नस्लीय हमला है, वहीं इस मामले में केन्द्र सरकार ने कर्नाटक सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

इस बीच, पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया है कि दुर्घटना के बाद उग्र भीड़ ने न केवल तन्जानिया की 21 वर्षीय छात्रा के साथ मारपीट की, बल्कि उसके कपड़े फाड़ डाले और कार में आग लगा दी थी। यह घटना रविवार शाम को हुई थी। कर्नाटक की सरकार ने हालांकि दावा किया है कि इस मामले का नस्लीय हमला से संबंध नहीं है।

बताया गया है कि बेंगलूरु शहर के गणपतिनगर में सूडान के एक छात्र ने यहां की एक महिला और उसके पति को टक्कर मार दी थी। इस घटना में सबीन ताज नामक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति सनुल्लाह गंभीर रूप से घायल हो गया।


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इस घटना के बाद, गुस्साई भीड़ ने कार से उस लड़के और तन्जानिया की लड़की को उतार कर उनसे बदसलूकी की। लोगों का आरोप है कि सूडानी युवक शराब पीकर खतरनाक तरीके से कार चला रहा था। मोहम्मद अहद नामक इस छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।

छात्रा का आरोप है कि भीड़ ने उसके साथ बदतमीजी की और उसके कपड़े फाड़ दिए। यही नहीं, उसे उसे अर्धनग्न कर उसकी परेड भी कराई गई।

तन्जानिया की सरकार ने यह मामला भारत सरकार के समक्ष उठाया है। वहीं, इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुषमा स्वराज ने इसे शर्मनाक बताया है।

इस बीच, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

कर्नाटक के गृह मंत्री ने सार्वजनिक किया पीड़िता का नाम

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वरा ने बेंगलुरू में एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि पीड़िता के न तो कपड़े फाड़े गए थे और न ही उसकी परेड कराई गई थी। हालांकि इसी क्रम में उन्होंने पीड़िता का नाम सार्वजनिक कर दिया। जब संवाददाताओं ने उनसे इसके बारे में पूछा तो उन्होंने इसे सही ठहराते हुए कहा कि वह तथ्यों के आधार पर बात कर रहे हैं।


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