शर्मनाक! किसान का यह बेटा भीख मांगने को हुआ मजबूर

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Updated on 28 Aug, 2016 at 6:00 pm

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भारत में भ्रष्टाचार, शताब्दियों से सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले मुद्दों में से एक है।

भारत में कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला न हो। देश में वैश्वीकरण, उदारीकरण, बाजारीकरण और विनियमन की नीतियों के इस दौर में भ्रष्टाचार की आंधी चल पड़ी है और भ्रष्टाचार व्यवस्था का ‘अंग’ बन चुका है। राजनीति हो, अर्थव्यवस्था हो, या प्रशासन, सभी क्षेत्र भ्रष्टाचार की गिरफ्त में हैं। जिसे लेकर मेहनत से वक़्त की दो रोटी खाने वाला आम इंसान कुछ नहीं कर सकता, वो निशब्द है।

ताजा मामला जो सामने आया है वह देश की स्थिति को शर्मसार करता है। जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के प्रयासों में लगे हुए हैं वहीं देश के ही कुछ आला अफसर देश की प्रतिष्ठा को मटियामेट करने में लगे हुए है।

तमिलनाडु में एक किसान के बेटे को इसी भ्रष्टाचार का शिकार बनाया गया। पिता की मौत के बाद 15 वर्षीय बेटे अजित के भीख मांगकर, रिश्वत के पैसे जमा करने का शर्मनाक मामला सामने आया है। घटना तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले की है।

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इस रिपोर्ट के मुताबिक, अजित के पिता 45 वर्षीय किसान की पिछले साल फरवरी महीने में मौत हो गई थी। जिसके बाद अजित को राज्य के किसानो के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 12,500 रुपये का मुआवजा मिलना था। लेकिन जब अजीत मुआवजा लेने गांव के सरकारी दफ्तर पहुंचा तो वहां अधिकारी ने उससे मुआवजे का चेक देने के बदले 3000 रुपए की रिश्वत की मांग की।


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पैसों की व्यवस्था करने में असमर्थ अजीत के पास भीख मांगकर पैसे जुटाने के सिवाए और कोई चारा नहीं बचा था। अजीत ने एक बैनर बनाया जिसपर उसने भीख मांगने का कारण स्पष्ट किया। अजीत बसों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने लगा। अजीत को एक ही दिन में करीब दो हजार रुपए मिल गए थे।

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अजीत के बसों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने की तस्वीरें और वीडियो जल्द ही वायरल हो गईं। जब उलुन्दूरपेट तहसीलदार से इस बारे में संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है।

जाहिर है, यह घटना सचेत करने वाली है कि किस हद तक हमारे देश में भ्रष्टाचार अपनी जड़े मजबूत करता चला जा रहा है, जिसके खिलाफ अब सख्त से सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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