8 साल की यह कश्मीरी लड़की बनी किक बॉक्सिंग की विश्व विजेता, उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय

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Updated on 13 Nov, 2016 at 4:00 pm

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जहां एक तरफ कश्मीर में अलगाववादी तत्व युवकों को भड़का, उनके हाथों में पत्थर थमा रहे हैं, वहीं कश्मीर की ब्रुस ली कही जाने वाली 8 बर्षीया तजुम्मल इस्लाम ने इटली में इतिहास रचा है।

तजुम्मल ने इटली में हुई विश्व किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में सब जूनियर वर्ग में विश्व विजेता का खिताब अपने नाम किया है। तजुम्मल यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय है।

तजुम्मल ने फाइनल मुकाबले में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की खिलाड़ी को शिकस्त दे, स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तजुम्मल की यह उपलब्धि कश्मीर में हिंसा करने के मंसूबे पालने वालों के मुंह पर एक जोरदार  तमाचा है।

आपको बता दें कि तजुम्मल कश्मीर के बांदीपोर जिले की है, जहां करीब 10 साल पहले लश्कर के आतंकियों ने महज मोबाइल रखने पर कुछ लड़कियों के बाल काट दिए थे। लेकिन इन सबकी परवाह किए बगैर तजुम्मल के माता-पिता ने उसे खेल के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया।


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तजुम्मल के कोच फैसल अली डार अपनी इस छोटी शिष्य की उपलब्धि पर कहते हैंः

“इटली में 90 देशों के खिलाड़ी आए थे, जो अलग-अलग वर्गों के मुकाबले में उतरे। पांच दिन चली प्रतियोगिता में उसके छह मुकाबले हुए और हर-एक में वह जीती। उसने इतिहास रचा है।”

सेना के गुडिवल स्कूल की छात्रा तजुम्मल आगे चलकर एक डॉक्टर बनना चाहती है। तजुम्मल के स्कूल की प्रिंसिपल बताती है कि वह सिर्फ मार्शल आर्ट में ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों और डांस में भी आगे है। तजुम्मल पढ़ाई में भी स्कूल की प्रतिभाशाली छात्राओं में गिनी जाती है।

तजुम्मल ने सभी बंदिशों को तोड़ अपना रास्ता खुद चुना है। आज वह हर उस लड़की के लिए प्रेरणा बन चुकी है जो फरमानों से उठकर अपने सपनों को हकीकत का रूप देना चाहती है।

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