ताजमहल में विदेशी महिलाओं के गले से उतरवाए गए भगवा दुपट्टे, जांच के आदेश

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8:35 pm 23 Apr, 2017

ताजमहल में विदेशी महिला सैलानियों से ‘रामनामी’ भगवा दुपट्टे उतरवाने की घटना पर उठता विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

इन महिला सैलानियों से भगवा दुपट्टा उतरवाने के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल महानगर आगरा ने ताज के 500 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन किया।

हिन्दू संगठनों ने ASI और CISF कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की हैं।

दरअसल सुपर मॉडल प्रतियोगिता में भाग ले रहीं करीबन 34 देशों की मॉडल ताजमहल का दीदार करने आई थीं।

उन्होंने भगवा दुपट्टे पहने हुए थे। ताजमहल में सुरक्षा के नाम पर इनके दुपट्टे उतरवा दिए गए थे। इसके पीछे कारण बताया गया कि ताजमहल में धार्मिक प्रतीक चिन्ह और पूजा सामग्री ले जाने पर रोक है। जैसे ही इस घटना की जानकारी हिन्दू सगठनों को हुई, उन्होंने इस घटना को हिन्दुओं की धार्मिक भावना को आहत करने वाला बताया।

Taj-Mahal



उधर ASI और CISF ने कहा कि उन्होंने वही किया जो नियमों में लिखा है। CISF कमांडेंट बृज भूषण ने बताया-

“संरक्षित स्मारक के भीतर किसी भी तरह के धार्मिक चिन्ह पर प्रतिबंध है। हमारी मंशा किसी के धार्मिक भावनाओं को आहत करने की नहीं है।”

वहीं, ASI के वरिष्ठ अधिकारी भुवन विक्रम ने कहा कि प्राचीन स्मारक और पुरातात्त्विक स्थल व अवशेष अधिनियम 1959 की धारा (8 डी) के अनुसार, आम तौर पर पर्यटकों को इस तरह के सामान को साथ ले जाने की अनुमति नहीं है।

इस पूरे मसले पर पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि ताजमहल में जाने के लिए परिधान के बारे में कोई पाबंदी नहीं है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा हैः

“ताजमहल देखने आने वालों की पोशाक अथवा दुपट्टे, गमछे जैसे कपड़ों पर रंग अथवा कुछ धार्मिक नाम-प्रतीक लिखे होने पर उनके प्रवेश पर किसी प्रकार का प्रतिबन्ध नहीं है।”

इस प्रकार की पाबंदी के लिए सरकार की ओर से कोई दिशा निर्देश नहीं है। साथ ही मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं। यहां पढ़ें प्रेस रिलीज़

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