सीरिया के बहाने छिड़ सकता है तीसरा विश्वयुद्ध, दो ध्रुवों में बंट गई है दुनिया

author image
Updated on 8 Apr, 2017 at 5:21 pm

Advertisement

सीरिया युद्ध का मैदान बना हुआ है, जहां अमेरिका और रूस आमने-सामने हैं। यहां संदिग्ध केमिकल अटैक के बाद अमेरिका ने सीरियाई सुरक्षा बलों के ठिकानों पर 60 क्रूज मिसाइलें दागी है। ट्रम्प प्रशासन का मुरीद रहा रूस इस अमेरिकी हमले के सख्त खिलाफ है।

कुल मिलाकर ताजा घटनाक्रम से दुनिया भर में तनाव गहराया है और दुनिया दो ध्रुवों में बंटी दिख रही है। रूस, ईरान और चीन ने जहां अमेरिका द्वारा किए गए मिसाइल हमलों को गलत बताया है, वहीं, र्मनी, फ्रांस, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, इजराइल और तुर्की ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस कदम को सही करार दिया है।

सीरिया में उपजे इस तात्कालिक संकट की वजह से समझा जा रहा है कि दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही है।

अमेरिकी हमले की खास बात यह है कि अमेरिका जिस इलाके में हमला कर रहा है, वहां सीरियाई सेना की सहायता के लिए बड़ी संख्या में रूसी सैनिकों की मौजूदगी है। ताजा हमले में 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि यहां रूसी सैनिक हताहत नहीं हो सकते। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि पेंटागन रूसी और सीरियाई सुरक्षा बलों को लेकर सतर्कता बरत रहा है।

हालांकि, अब यह साफ हो गया है कि ट्रम्प प्रशासन ने सीरिया में जिस तरह खुलकर अपने पत्ते खेले हैं, उससे अब रूस और अमेरिका के बीच बेहतर रिश्तों की संभावना खत्म सी हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री संभावित रूस दौरे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

सीरिया लंबे समय से युद्ध का मैदान बना हुआ है। बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल में साफ किया था कि वह सीरिया से असद की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे, हालांकि ब्लादिमीर पुतिन के असद के समर्थन में खड़े होने से यह संभव नहीं हो सका था। सीरिया में रूस तीन मोर्चे पर एक साथ लड़ रहा है। वह न केवल सीरियाई विद्रोहियों और इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का मुकाबला कर रहा है, बल्कि अमेरिका के हमलों का समुचित जवाब भी। रूस अपनी इस स्थिति से पीछे नहीं हटना चाहता।

ब्लादिमीर पुतिन अब ने ट्रम्प प्रशासन की आलोचना करते हुए सीरिया पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया है। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका और रूस के संबंध बिगड़ चुके हैं और अब रूस अमेरिका की मदद नहीं कर सकता।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement