सीरिया के इस जेल में दी गई 13 हजार लोगों को फांसी, दुनिया को पता भी नहीं चला

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Updated on 8 Feb, 2017 at 11:04 am

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सीरिया के एक जेल में पिछले पांच साल के दौरान करीब 13 हजार से अधिक लोगों को फांसी दे दी गई। खास बात यह है कि इस घटना की जानकारी दुनिया को अब जाकर हुई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राजधानी दमिश्क के नजदीक सैदनाया मिलिटरी जेल में वर्ष 2011 से वर्ष 2015 के बीच प्रति सप्ताह करीब 50 लोगों को सामूहिक रूप से मौत की सजा दी गई। ये लोग सीरियाई राष्ट्रपति बशर-अल असद के विरोधी थे।

यह है कुख्यात सैदनाया मिलिटरी जेल।

एमनेस्टी की इस रिपोर्ट का नाम है ‘ह्यूमन स्लॉटरहाउस: मास हैंगिंग एंड एक्सटरमिनेशन एट सैदनाया प्रीजन।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहां बंद कैदियों को न कोई ट्रायल का मौका दिया गया और न ही उन्हें वकील मुहैया कराया गया। उन्हें यातनाएं देकर उनसे अपराध कबूल करवा लिया गया।

मौत की सजा प्राप्त लोगों को यह भी नहीं बताया जाता था कि उन्हें मौत की सजा दी गई है। उन्हें फांसी पर लटकाने से कुछ ही मिनट पहले उन्हें इस बात की सूचना दी जाती थी। साथ ही फांसी के बाद लाशों को गोपनीय तरीके से दफना दिया जाता था। मृतकों के परिजनों को भी इस बात की सूचना नहीं होती थी।


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रिपोर्ट का दावा है कि पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे, जिनके बारे में माना जाता था कि वे राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे।

सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध के दौरान एमनेस्टी इन्टरनेशनल असद की सरकार के खिलाफ मुखर रहा है।

एमनेस्टी कहता रहा है कि सीरिया सरकार ने बंदियों को बार-बार यातनाएं देकर उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रख ‘तबाही की नीति’ अपना रखी है।

telegraph


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