जब एक सफ़ाई कर्मचारी को बनाया गया गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि

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Updated on 28 Jan, 2017 at 8:52 pm

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गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने वाले मुख्य अतिथि अक्सर बड़े लोग होते हैं। अभी हाल ही गणतंत्र दिवस के लिए खास मेहमान के तौर पर भारत आए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन जायेद अल नाह्यान ने काफ़ी सुर्खियां बटोरी थी। आपने भी इस मौके पर अक्सर बड़े लोग जैसे नेता, मंत्री, अफसर या कोई अभिनेता आदि को ही मेहमान के रूप में आमंत्रित होते देखा होगा।

वहीं, मध्यप्रदेश के खंडवा में झाड़ू लगाने वाले एक मामूली से सफाई कर्मचारी ने जब मुख्य अतिथि बनकर ध्वजारोहण किया, तो ये अपने तरह की एक अनोखी कहानी बन गई है।

मध्यप्रदेश के खंडवा में मोघट रोड थाना के थाना प्रभारी ने अनोखी पहल करते हुए एक सफाईकर्मी से झंडा फहरवाकर जो संदेश दिया है, वह सही मायने में गणतांत्रिक भारत की सच्ची तस्वीर है।

नगर निगम में सफाई का काम करने वाले 55 वर्षीय दिनेश बावरे से जब ज़िला प्रभारी अनिल शर्मा ने गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने को कहा तो दिनेश को लगा कि इंस्पेक्टर साहब ऐसे ही कह रहे हैं। दिनेश ने इंस्पेक्टर साहब के आगे हाथ जोड़े पर जब अनिल शर्मा जी ने उन्हें आश्वस्त किया, तो दिनेश जी भावुक हो गए। झंडा फहराने के बाद दिनेश जी ने कहा कि यह पल उनके लिए बहुत खास हैं, वो इस सम्मान को ज़िंदगी भर नही भूलेंगे।

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वहीं, समाज को इस पहल से स्वस्थ संदेश देने वाले मोघट पुलिस थाने के प्रभारी अनिल शर्मा के मुताबिक,

“एक सफाईकर्मी को समाज गिरी हुई नज़र से क्यों देखता है? ये हमारे सफाईकर्मी ही हैं, जो हमें स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराते हैं। स्वच्छ भारत अभियान की अगर बातें हो रही हैं तो भारत को स्वच्छ करने वाले इन सफाईकर्मियों की अनदेखी क्यों हो, इनका भी सम्मान होना चाहिए।”



दिनेश बावरे पिछले 40 साल से रोज़ सुबह 6 बजे उठकर मोघट पुलिस थाना पहुंच जाते हैं। गणतंत्र दिवस की सुबह भी वो जल्दी आए, परिसर की सफाई की और ध्वजारोहण की प्रतीक्षा करने लगे। जब अनिल जी ने आकर उनसे आग्रह किया तो वो सकपका गए। यही नहीं थाना प्रभारी ने उन्हें सैल्यूट किया तो उनके चेहरे पर ख़ुशी और भावुकता से भरी एक मुस्कान आ गई।

अनिल शर्मा के इस छोटे से प्रयास की कहानी यह सीख देती है कि समाज का हर जीव सम्मान के उतने ही हक़दार है, जितने हम और आप हैं। चाहें वो सफाई कर्मचारी ही क्यों न हो।


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