अब जनता तय करेगी कि आपका शहर स्वच्छता में किस पायदान पर है, न कि नगर पालिका!

Updated on 3 Aug, 2017 at 2:01 pm

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‘स्वच्छ भारत अभियान’ देश भर में बड़े जोर-शोर से शुरू हुआ और इस पर लोगों का साथ भी मिला। स्वच्छता को लेकर लोगों में जागरूकता फ़ैली, लिहाजा शहर साफ़-सुथरा हुए हैं।

सरकार हर बार सर्वे कराती है, जिसके बाद साफ़-सुथरे शहर की लिस्ट तैयार की जाती है। इस लिस्ट के साथ ही सबसे गंदे शहरों का नाम भी जारी होता है जो बहुत ही शर्मसार कर देने वाला होता है। स्थानीय प्रशासन के लिए यह सिरदर्दी होती है।


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इस सर्वे का आधार क्या होता है, इसको लेकर आम लोगों के पास कोई जानकारी नहीं होती है। हर शहर की नगर पालिका की रिपोर्ट से अब तक इस सर्वे को करवाया जा रहा था, लेकिन जनवरी 2018 में होने वाले सर्वे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नई योजना बनाई है।

इस बार नगर पालिका की जगह जनता बताएगी कि उनका शहर कितना साफ़ है। इसके लिए जनता के बीच सर्वे करवाया जाएगा और उनसे सफ़ाई की स्थिति का हाल लिया जाएगा और यही सर्वे का आधार होगा। सर्वे के लिए 4 हज़ार 41 शहरों को चुना गया है, जिसमें लगभग 40 करोड़ जनता से सवाल जवाब पूछे जाएंगे। इसका रिज़ल्ट 18 जनवरी 2018 तक जारी कर दिया जाएगा।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ को सफ़ल करने के लिए पहले जनता को और अधिक जागरूक करना होगा। तभी सर्वे और साफ़ शहर या गंदे शहर की लिस्ट का कुछ मतलब निकल पाएगा।

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