मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में सुष्मिता सेन ने पहना था इतना सस्ता गाउन, जानकर दंग रह जाएंगे!

9:00 am 9 Aug, 2018

Advertisement

दिल में अगर कुछ पाने की चाहत हो तो कोई मुश्किल आपका रास्ता रोक नहीं सकती। फिर चाहे वह मुश्किल पैसों की ही क्यों न हो। इसकी एक बेहतरीन मिसाल हैं, पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन, जिन्होंने ऐसे वक़्ते में मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर देश का नाम रौशन किया जब खुद उनके पास अच्छा गाउन खरीदने तक के पैसे नहीं थे।

 

सुष्मिता सेन

 

 

सुष्मिता सेन 1994 में मिस यूनिवर्स बनी थीं। यह बात तो सबको पता है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि उनके पास उस वक़्त प्रतियोगिता में जाने लिए महंगे गाउन और ग्ल्वज़ भी नहीं थे। मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में जहां लड़कियां एक से एक महंगे डिज़ानर गाउन पहनकर जाती हैं, वहीं सुष्मिता सेन परदे से बना गाउन पहनकर गई थी। इतना ही नहीं उन्होंने जो गल्वस पहना था, वो भी मोजे से बना था और सुष्मिता के ये कपड़े खरीदे गए थे दिल्ली के सरोजिनी मार्केट से।

 

 

इतने सस्ते कपड़े होने के बावजूद सुष्मिता के कॉन्फिडेंस में कोई कमी नहीं थी, पूरी प्रतियोगिता में उन्होंने अपनी मधुर मुस्कान और आत्मविश्वास से सबका दिल जीत लिया।

 


Advertisement

 

सुष्मिता जिस समय मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में गई थीं, उस वक़्त उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनकी मां सुभ्रा सेन ने एक बार कहा था कि उन्हें उस गाउन का आईडिया एक मैगज़ीन से आया था, लेकिन पैसों की कमी के चलते गाउन के लिए महंगे कपड़े की बजाय परदे के कपड़े का इस्तेमाल करना पड़ा और महंगे दस्ताने की जगह उन्होंने ही सुष्मिता को जुराब के इस्तेमाल का आईडिया दिया था।

 

 

डेक्कन क्रॉनिकल को दिए एक पुराने इंटरव्यू में सुष्मिता ने कहा था कि, प्रतियोगिता की तैयारियों के दौरान उनके पास सिर्फ चार जोड़ी कपड़े ही थे और इस वजह से वह बहुत डरी हुई थीं, लेकिन जैसे ही उन्होंने मिस यूनिवर्स का खिताब जीता उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

 

 

इतनी कमी के बावजूद सुष्मिता प्रतियोगिता में हमेशा अव्वल रहीं। परदे से बने गाउन के लिए भी उन्हें ढेर सारे पॉइंट मिले थे। इसके अलावा स्विम सूट राउंड में भी सुष्मिता ने सभी को पीछे छोड़ दिया था।

सुष्मिता सेन की ज़िंदगी से जुड़ा ये वाकया उन लोगों के लिए एक सीख है जो कुछ न कर पाने के लिए हमेशा संसाधनों की कमी का रोना रोते रहते हैं।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement