सनी देओल के 11 दमदार डायलॉग्स जो किसी की भी सिट्टी-पिट्टी गुम करा दे

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Updated on 22 Feb, 2018 at 4:55 pm

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बॉलीवुड स्टार सनी देओल ने अपने दमदार और फौलादी डायलॉग्‍स से फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। सनी ने अपने फिल्मी करियर में कई दमदार डायलॉग्‍स बोले हैं, जो अाज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। आज हम आपको सनी देओल के चुनिन्दा लोकप्रिय फिल्मों के दमदार डायलॉग्‍स बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर उनके फिल्मों मे विलेन्स की सिट्टी-पिट्टी गुम जाती है।

1. दामिनी- 1993

“जब ये ढाई किलो का हाथ किसी पे पड़ता है ना…तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है।”

2. घातक- 1996

“ये मज़दूर का हाथ है कात्या, लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है! ये ताकत ख़ून-पसीने से कमाई हुई रोटी की है। मुझे किसी के टुकड़ों पर पलने की जरूरत नहीं।”


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3. जि‍द्दी- 1997

“चिल्लाओ मत इंस्पेक्टर, ये देवा की अदालत है और मेरी अदालत में अपराधियों को ऊंचा बोलने की इजाज़त नहीं।”

4. दामिनी- 1993

“तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख…तारीख मिलती रही है, लेकिन इंसाफ़ नही मिला…मी लॉर्ड इंसाफ़ नही मिला…मिली है तो सिर्फ़, ये तारीख।”

5. घातक- 1996

“हलक़ में हाथ डालकर कलेजा खींच लूंगा हरामख़ोर.. उठा उठा के पटकूंगा! उठा उठा के पटकूंगा! चीर दूंगा, फाड़ दूंगा साले।”

6. गदर: एक प्रेम कथा- 2001

“बाप बनकर बेटी को विदा कर दीजिए, इसी में सबकी भलाई है, वरना अगर आज ये जट बिगड़ गया तो सैकड़ों को ले मरेगा।”



7. घातक- 1996

“डराकर लोगों को वो जीता है जिसकी हड्डियों में पानी भरा होता है, मर्द बनने का इतना शौक है, तो कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दे कात्या।”

8. दामिनी- 1993

“चिल्लाओ मत, नहीं तो ये केस यहीं रफा-दफा कर दूंगा। न तारीख़ न सुनवाई, सीधा इंसाफ। वो भी ताबड़तोड़।”

9. घायल- 1990

“रिश्वतखोरी और मक्कारी ने तुम लोगों के जिस्म में मां के दूध के असर को खतम कर दिया है। खोखले हो गए हो। तुम सब के सब नामर्द हो।”

10. गदर: एक प्रेम कथा- 2001

“अशरफ अली! आपका पाकिस्तान जिंदाबाद है, इससे हमें कोई ऐतराज नहीं लेकिन हमारा हिंदुस्‍तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा! बस बहुत हो गया।”

11. सिंह साहब द ग्रेट- 2013

“बलि हमेशा बकरे की दी जाती है शेर की नहीं।”

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