अरुणाचल में चीन की सीमा पर भारत ने उतारा सुखोई फाइटर जेट, चीनी सेना में मची खलबली

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Updated on 20 Aug, 2016 at 11:08 am

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चीन से सटी सीमा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से भारत ने पहली बार अरुणाचल प्रदेश में सुखोई फाइटर जेट की तैनाती की है।

अरुणाचल में चीन की सीमा से लगे पस्सी घाट में सुखोई 30 को उतारा गया। यह स्थानीय चीन की सीमा से मात्र 80 किलोमीटर दूर है।

सुखोई 30 का परवाज कर भारत ने चीन को साफ संदेश दिया है कि सीमा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। यहां फाइटर जेट्स की तैनाती से एक अभेद्य दीवार का निर्माण हुआ है, जिसे तोड़ना चीन के लिए मुमकिन नहीं है।

भारत सरकार के इस कदम से चीन को संदेश गया है कि अरुणाचल के मुद्दे पर भारत किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।

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भारत ने हाल ही में चीन की सीमा पर 100 टैंकों की एक ब्रिगेड तैनात की थी। भारत सरकार द्वारा सीमा पर ताकत में इजाफा किए जाने से चीन स्तब्ध है। यही वजह है कि चीनी वायु सेना ने अरुणाचल प्रदेश से सटे तिब्बत इलाके में अपने एयर-ऑपरेशन्स बढ़ा दिए हैं। वैसे चीन सीमा रेखा के उस पर अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने के मामले में कुख्यात रहा है।

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने पस्सी घाट में बने अपग्रेडेड अडवान्स्ड लैंडिंग ग्राउन्ड पर सुखोई 30 के अवतरण को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद पूर्वोत्तर के विकास की तरफ ध्यान दिया है।



पस्सीघाट भारतीय वायुसेना की उन 8 हवाई पट्टियों में शामिल है, जिन्हें मिलिट्री ऑपरेशन्स के लिए तैयार किया जा रहा है।

पस्सीघाट, जीरो, एलोंग, मेचूका और वालोंग जैसी आधुनिक हवाई पट्टियों पर सुखोई, सी-17 और अन्य बड़े मालवाहक एयरक्राफ्ट ऑपरेट कर सकते हैं।

फिलहास पस्सीघाट एयरफील्ड का उपयोग कॉमर्शियल प्लेन उड़ाने के लिए भी किए जाने की संभावना है। ऐसा होने की स्थिति में यहां के लोगों को देश के अन्य भागों से जुड़ने में मदद मिलेगी।


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