‘सुगम्य भारत अभियान’ के तहत कई जगहों को विकलांगों के अनुकूल बनाया जाएगा।

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Updated on 16 Nov, 2015 at 7:56 pm

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भारत को सुलभ बनाने की दिशा में पहला कदम उठाते हुए, प्रमुख शहरों में सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, 75 रेलवे स्टेशनों और 5000 सार्वजनिक भवनों को अगले साल जुलाई तक विकलांग अनुकूल बनाए जाने का लक्ष्य है। ‘सुगम्य भारत अभियान’ के तहत सरकार ने 27 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और 75 रेलवे स्टेशनों पर उन क्षेत्रों को परखना शुरू कर दिया है जिनकी मरम्मत की जरूरत है उन्हें विकलांगों के अनुकूल बनाया जा सकता है।

‘सुगम्य भारत अभियान’ की शुरुआत औपचारिक रूप से 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस पर होगी। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों को सुगम्य बुनियादी संरचनाओं में तब्दील करने के लिए जुलाई 2016 की समय सीमा तय की है।

disabled friendly railway stations

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केंद्र की इस योजना की शुरुआत कई बड़े और छोटे शहरों से होगी जिसमें बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, कानपूर, भोपाल, कोयंबटूर, इंदौर, अहमदाबाद, जयपुर, वडोदरा, सूरत, पटना, विशाखापट्टन, रायपुर, गुड़गांव, नागपुर, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, चंडीगढ़, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, वाराणसी, पोर्ट ब्लेयर, दमन, पणजी, शिमला, ईटानगर, रांची, झांसी, नासिक, कावारत्ती, इंफाल, शिलांग, गांधीनगर, आईजोल, कोहिमा, गंगटोक अगरतल्ला, पुदुचेरी, सिलवासा, लुधियाना, देहरादून और फरीदाबाद शामिल है।



केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय अपने ‘सुगम्य भारत अभियान’ के तहत 100 शहरों में सरकारी इमारतों की जांच करेगा, ताकि उन्हें जुलाई तक सुलभ बनाया जा सके। इसकी शुरुआत 26 बड़े शहरों की महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुगम्यता की जांच से होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले महीने इसके औपचारिक शुरुआत होने से पूर्व ही इसका काम पहले ही शुरू कर दिया गया है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकेश जैन ने कहा-

“देश में परिवहन तंत्र विकलांगों के अनुकूल नहीं है। सभी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों को जुलाई 2016 तक सुगम्य बनाने का फैसला किया गया है। घरेलू हवाईअड्डों में काम जुलाई 2019 तक पूरा होगा। ए और बी श्रेणी के 75 रेलवे स्टेशनों को इसी अवधि (2016) तक विकलांग अनुकूल बनाया जाएगा”

इस अभियान का उद्देश्य संपूर्ण भारत को सुगम्य बनाना है। अभियान में तीन प्रमुख घटकों सुगम्य वातावरण, सार्वजानिक परिवहन, और सूचना एवं संचार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन तीनों क्षेत्रों में सुधार हेतु भारत सुगम्यता की ओर बढ़ेगा, जिसमें अशक्त एवं विकलांग जन सहज रूप से अपना जीवन-यापन कर सकेंगे।


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