आलस के कारण स्नूज़ बटन दबाना और बार-बार जागकर सोना सेहत के लिए ठीक नहीं है!

Updated on 14 Sep, 2017 at 3:10 pm

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नींद लेना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत ही आवश्यक है। अच्छी नींद लेने से शरीर पूरी तरह रिफ्रेश रहता है और काम के समय ऊर्जा और उत्साह महसूस होता है। हालांकि, लोग नींद को लेकर संजीदा नहीं रहते, लिहाजा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 7-8 घंटे की नींद लेना स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है।

लोग 4-5 घंटे की नींद लेकर सोचते हैं कि सब ठीक है, लेकिन कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक शोध से पता चला है कि 6-7 घंटे से कम सोने वालों में आत्महत्या की प्रवृत्ति अधिक होती है। नींद कम लेने से अल्जाइमर्स, चिन्ता, डिप्रेशन आदि होने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही कई अन्य तरह की बीमारी होने की संभावना होती है। नींद न आना या ज्यादा आना भी बीमारी के ही लक्षण हैं। इसलिए नींद को लेकर हमें सचेत रहने की जरूरत है। हम अपनी आदतें भी जाने-अनजाने ऐसी कर लेते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझना पड़ता है।

एक रिसर्च में नींद को लेकर बेहद ही महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है।


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सुबह उठने में आलस करने वाले लोग मोबाइल में अलार्म लगाते हैं, लेकिन जब उठने की बारी आती है तो उठ नहीं पाते और अलार्म बार-बार बजता रहता है। रिसर्च के अनुसार अलार्म घड़ी से नींद टूटने पर आपकी हृदय-गति कई गुणा ज़्यादा बढ़ जाती है। सबसे खतरनाक स्नूज़ बटन है, जिससे आलसी लोग 5 मिनट और कर-कर के सोते रहते हैं।

स्नूज बटन के माध्यम से हम 5, 10, 15 मिनट बाद अलार्म को बजने के लिए सेट कर देते हैं। इससे दिन में 3-4 बार दिल की धड़कन अचानक बढ़ जाती है। अब इसे हफ़्ते, महीने और साल के हिसाब से सोचेंगे तो पता चलेगा कि ऐसा कितनी दफा होता है। इससे सीधा ह्रदय प्रभावित होता है। हम ऐसा करके खुद को निकसान पहुंचा रहे होते हैं।

तो फिर रहिए अलर्ट और अलार्म को बार-बार सेट करने के बजाय एक बार में ही उठ जाइए। इससे आप फिट रहेंगे और निश्चिन्त भी!

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