हार के बाद स्मिथ ने भारतीय टीम को कहा ‘आओ बीयर पीते हैं यार’, रहाणे ने दिया अपने अंदाज में जवाब

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3:32 pm 29 Mar, 2017

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल ही में चार टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म हुई। इस पूरी सीरीज में दोनों टीमों के बीच कई मौकों पर मतभेद देखने को मिले। फील्ड पर बात और बॉल से खेली जाने वाली इस लडाई में तू-तू, मैं-मैं भी हुई। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ पर खेल भावना को आहात करने का आरोप लगा।

नोक-झोंक से भरी इस सीरीज के खत्म होने के बाद स्टीव स्मिथ भारतीय टीम से एक बार फिर दोस्ती का हाथ बढ़ाने पहुंचे।

स्मिथ ने भारत के खिलाफ सीरीज हार के बाद अजिंक्य रहाणे को साथ में बीयर पीने के लिए बुलाया। स्मिथ ने न सिर्फ रहाणे को, बल्कि पूरी भारतीय टीम को आने को कहा।

steve and smith

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आपको बता दें कि स्टीव स्मिथ और अजिंक्य रहाणे आईपीएल में एक ही टीम राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स का हिस्सा हैं। आईपीएल 5 अप्रैल से शुरू होने वाले हैं।

स्मिथ ने रहाणे से अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए बतायाः

“जब मैंने रहाणे को बीयर का ऑफर दिया तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं तुमसे बाद में बात करुंगा। अंजिक्य के साथ हमारे अच्छे रिश्ते हैं। वो मेरी आईपीएल टीम में है और अगले सप्ताह मैं उसके साथ रहूंगा।”



खेल के मैदान में ऑस्ट्रेलियाई टीम का जो रवैया रहा, उसने कहीं न कहीं भारतीय टीम को आहत किया। कप्तान विराट कोहली ने खुद एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि आस्ट्रेलियाई टीम के साथ अब दोस्ती और भरोसा खत्म हो गया है।

अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले रहाणे ने बड़ी शालीनता से स्मिथ के बियर पीने के प्रस्ताव का जवाब दिया कि जो भी हो वह स्मिथ से बाद में बात करेंगे। रहाणे और स्मिथ भले ही आईपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स की टीम का हिस्सा हो लेकिन रहाणे इस सीरीज में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सही के साथ खड़े हुए।

वहीं ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने भारत के खिलाफ खत्म हुई टेस्ट सीरीज के दौरान ‘भावनाओं में बहने’ के लिए माफी मांगी और कहा कि कई बार वो अपनी ही दुनिया में खोए रहते थे। स्मिथ ने कहाः

“कई बार मैं अपनी ही दुनिया में गुम था और भावनाओं में बह गया, मैं उसके लिए माफी मांगता हूं”

स्टीव स्मिथ ने भारतीय खिलाड़ियों के खेल की भी तारीफ की। स्मिथ ने कहाः

“भारतीय टीम ने  कुछ अवसरों पर आक्रामक शैली का खेल दिखाया, जबकि कई बार वे बेहद रक्षात्मक होकर खेले और मैंने भी उनसे यह सीखा। भारत में कुछ अवसरों पर आपको परिस्थितियों के हिसाब से खेलना होता है।”


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