256 बम अकेले ही डिफ्यूज करके हज़ारों जानें बचाने वाले वीर को शत-शत नमन

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5:31 pm 22 May, 2016

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वह बहादुर थे, निडर थे। न जाने कितनी बार उन्होंने मौत को चकमा दिया होगा। हज़ारों जानें बचाने वाले इस भारत के सपूत का पूरा देश कर्जदार है। इनके साथी और जानने वाले इन्हे ‘स्टील मैन’ के नाम से पुकारते हैं।

शहीद नरेंद्र चौधरी का अंतिम संस्कार बीते हफ्ते रायपुर में किया गया। नरेंद्र चौधरी अपने जीवन काल में 250 से ज़्यादा बम डिफ्यूज कर हज़ारों जानें बचा चुके हैं। इस वजह से वह नक्सलियों की हिट-लिस्ट में भी थे। नरेंद्र राजस्थान के नागौर जिले के रहने वाले थे।

शहीद नरेंद्र चौधरी बेमिसाल फुर्ती और सेहत के धनी थे। वह बगैर खाना या पानी के 50 किलोमीटर से ज़्यादा का सफ़र पैदल ही कर लेते थे। उनके कैंप के साथियों ने आज तक उन्हें बीमार पड़ते हुए भी नहीं देखा था।

250 से ज़्यादा बम डिफ्यूज कर चुके शहीद नरेंद्र अकेले ही बम को निष्क्रिय करते थे। वह किसी महानायक से कम नहीं थे। उनमे चुनौती लेने की जबरदस्त क्षमता थी। उनके साथी उनके बारे में बताते हैं कि नरेंद्र सिंह इतने निडर थे कि पूरी टीम को बम से दूर रखते थे और खुद पास जाकर डिफ्यूज करते थे।

छत्तीसगढ़ के कांकेर में जंगल वारफेयर काॅलेज में तैनात नरेंद्र सिंह 48 साल के थे। बीते हफ्ते छत्तीसगढ़ में एक बम निरोधी प्रशिक्षण शिविर के दौरान शहीद हो गए थे।

टॉपयॅप्स की टीम भारत के इस वीर सपूत को शत शत नमन, एवम विनम्र स्मरण के साथ भावपूर्ण श्रद्धांजली अर्पित करती है।


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