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भारत में बन रही इस विशाल प्रतिमा को बनाने में चीनी मज़दूरों का भी हाथ, 31 अक्‍टूबर को होगा उद्घाटन

Published on 8 September, 2018 at 1:11 pm By

लौह पुरुष सरदार पटेल की लौह प्रतिमा सुर्खियों में बनी है, जिसे ‘स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी’ भी कहते हैं। यह भारत के लिए कई मायनों में बेहद ख़ास है। अपने निर्माण के साथ ही इस मूर्ति को दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति का दर्जा प्राप्त होगा। सरदार पटेल की प्रतिमा 182 मीटर लंबी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को इस प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे। अब जब इसका अनावरण निकट है तो इसके बारे में कई तथ्यों को सार्वजनिक कर दिया गया है।


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स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी लगभग 2990 करोड़ रुपये की लागत से बना है।

 

 

गौरतलब है कि अभी दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति चीन स्थित गौतम बुद्ध की मूर्ति है, जो 128 मीटर ऊंची है। इसका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज किया जा चुका है। लेकिन अब ये खिताब भारत के नाम होगा। विविधता में एकता भारत और भारतीयता की पहचान है। अंग्रेजी शासन के अंत होने के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एकसूत्र में पिरोने का काम किया था। स्वतंत्र छोटे-मोटे रियासतों को कूटनीतिक सूझ-बूझ से भारत ने गणराज्य में मिलाकर एकता और भाईचारा कायम की थी। ये प्रतिमा एकता के प्रतीक रूप में विद्यमान रहेगी।

 

 


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जानकारी हो कि सरदार सरोवर डैम में इस प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। दिलचस्प बात ये है कि इसकी ऊंचाई 182 मीटर इसलिए रखी गई है क्योंकि गुजरात विधानसभा में इतनी ही सीट हैं।



 

‘स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। साल 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी और अब ये पांच साल में बनकर तैयार है।

 

 

इस मूर्ति के साथ संग्रहालय भी बनाया गया है, जिसमें सैन्य इतिहास को संजोया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रतिमा निर्माण में 2400 मज़दूर दिन-रात लगे हुए हैं और लगभग 100 कारीगरों को चीन से मंगाया गया है। मूर्ति की लागत में से लगभग 600 करोड़ की राशि इसके रखरखाव के लिए रखी गई है।

 

 


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पटेल की ये प्रतिमा दुनियाभर में सबसे ऊंची है और ये अब हमें गौरवबोध करता रहेगा। लेकिन कुछ जानकार इसे राजनीतिक महत्वाकांक्षा का हिस्सा भी बता रहे हैं। नेहरू-गांधी की प्रतिमा को कांग्रेस ने भुनाया तो वहीं मायावती ने अम्बेडकर की प्रतिमा बनाई। इसमें भाजपा ने दो कदम आगे बढ़ते हुए पटेल की प्रतिमा प्रस्तुत की है।

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