ये हैं प्रेमचंद के उपन्यास की 8 मज़बूत महिलाएं

Updated on 30 Nov, 2017 at 2:27 pm

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जब हम हिंदी साहित्य की बात करते हैं, तो मुंशी प्रेमचंद का ज़िक्र न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। सालों बाद भी उनकी कहानियां और उपन्यास लोगों को प्रेरित करते हैं। मुंशी प्रेमचंद की कहानियों में ग्रामीण जीवन के साथ ही महिलाओं को भी प्रमुख स्थान मिला। उनकी कहानियों में गरीबी और जात-पात का भेदभाव भी दिखा। इतना ही नहीं, प्रेमचंद की कई महिला पात्र बहुत मुखर और मज़बूत थीं।

1. निर्मला की निर्मला

 

Munshi Premchand's work

निर्मला उपन्यास की मुख्य किरदार निर्मला अपने पिता के उम्र के आदमी से शादी करती है, बावजूद इसके वो दुःखी नहीं होती।


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2. गोदान की धनिया

 

Premchand's work

इस उपन्यास के मुख्य किरदार होरी की पत्नी धनिया हालांकि बहुत दुःखी स्त्री है, फिर भी वह अपने परिवार द्वारा त्यागी गई महिलाओं को सहारा देती हैं और एक मज़बूत महिला बनकर उभरती है।

3. ईदगाह की अमीना

 

Premchand's work

अपनी बेटी को खोने के बाद अमीना ने अपने नाती को पाला-पोसा। गरीबी और बुढ़ापे के बावजूद वो अपने नाती हामिद को खुश रखने की हर मुमकिन कोशिश करती हैं।

4. ठाकुर का कुआं की गांगी

 

Premchand's work

दलित महिला गांगी अपने पति को बचाने के लिए समाज के बनाए मानदंडों को तोड़ देती है। पति की जान बचाने के लिए वो उन लोगों के लिए बनाए नियम को तोड़कर एक अमीर शख्स के कुएं से पानी लाती हैं, जहां उसकी परछाई को भी जाने की मनाही थी।



5. बूढ़ी काकी की काकी

 

Premchand's work

इस कहानी में काकी अपने भतीजे और उसके परिवार के साथ रहती है और उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता है। कई बार तो उन्हें खाना भी नहीं मिलता। इतनी मुसीबतों के बाद भी बूढ़ी काकी एक मज़बूत स्त्री की तरह जीने की आस नहीं छोड़ती हैं।

6. बड़े घर की बहू की आनंदी

 

Premchand's work

बहुत अमीर घर में पली-बढ़ी आनंदी की शादी जब गरीब परिवार में हो जाती है, तो उसे बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एक बार उसके परिवार में जबर्दस्त लड़ाई हो जाती है और परिवार टूटने की कगार पर पहुंच जाता है, लेकिन आनंदी अपने पति को उसकी गलती समझाती है और परिवार को बिखरने से बचा लेती है।

7. सेवासदन की सुमन

 

Premchand's work

अकेली औरत के लिए समाज में रहना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जीने के लिए सुमन एक ऐसे पेशे को चुनती हैं जो इज्ज़तदार बिल्कुल नहीं है, लेकिन फिर भी उसे अपने चुनाव पर अफसोस नहीं होता और मज़बूती के साथ अपनी मर्ज़ी से ज़िंदगी जीती है।

8. गबन की जलपा

 

Premchand's work

इस उपन्यास की पात्र जलपा में एक कमी है जिसकी वजह से उसका पति मुसीबत में फंसता है। हालांकि बाद में जलपा को अपनी गलतफहमी का एहसास होता है और वह पति की मदद करती है।


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