Advertisement

मीडिया ने श्रीदेवी की मौत की रिपोर्टिंग नहीं की, बल्कि इसका तमाशा बना दिया

10:24 am 28 Feb, 2018

Advertisement

भारत में लंबे समय से टीवी पत्रकारिता के स्तर पर सवालिया निशान लगते रहे हैं। मीडिया विशेषज्ञ इस बात से लगातार चिंतित हैं कि समाचार टीवी चैनल्स पत्रकारिता से इतर कुछ और ही कर रहे हैं। टीआरपी की होड़ में पगलाए समाचार चैनल्स नैतिकता की बारीक रेखा को लांघते रहे हैं। हालांकि, अब अति हो रही है। भारत की मुख्य धारा की टीवी मीडिया ने अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत की रिपोर्टिंग नहीं की है, बल्कि इसे तमाशा बना दिया।

श्रीदेवी की मौत दुबई में बीते रविवार को हुई। यह सभी को स्तब्ध करने वाली खबर थी।

 

इस खबर को टीवी मीडिया ने जिस शर्मनाक तरीके से दर्शकों तक लगातार पहुंचाया है, वह श्रीदेवी की मौत से भी अधिक स्तब्धकारी है।

टीवी की रिपोर्टिंग बेहद काल्पनिक तरीके से की जा रही है।

साफ जाहिर है कि समाचार चैनल्स पत्रकारिता नहीं कर रहे हैं, बल्कि श्रीदेवी की मौत का विश्लेषण एक जासूस के नजरिए से कर रहे हैं।

प्रोड्यूसर्स और एंकर्स नीति नियंता की भूमिका में दिख रहे हैं। वे ऑन द स्पॉट फैसला दे रहे हैं। वे श्रीदेवी से जुड़े तमाम लोगों को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।

एबीपी न्यूज, आज तक और इंडिया टीवी जैसे बड़े चैनल्स की देखादेखी क्षेत्रीय चैनल्स भी अपनी कल्पनाशीलता को उभारने में लगे रहे। दक्षिण भारत के इस चैनल के पत्रकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए बाथटब में जाकर दर्शकों को यह बताने की कोशिश की कि श्रीदेवी की मौत आखिर कैसे हुई होगी।

समाचार चैनल्स की रिपोर्टिंग को देखकर एक सामान्य सा दर्शक भी यह सोचने को मजबूर है कि टीवी चैनल्स को इतना गिरने की जरूरत क्या है?

श्रीदेवी की मौत की ख़बर पर शर्मनाक रिपोर्टिंग इस बात का द्योतक है कि भारत में टीवी मीडिया वाले ही अपनी मौत का मर्सिया पढ़ रहे हैं। साफ शब्दों में कहें तो भारत में मीडिया की मौत हो चुकी है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement