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यह मंदिर समुद्र में डूब गया था अब इसे दूसरी जगह ले जा रहे हैं

11:56 am 30 Jul, 2017

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नालगोंडा जिले के पनगल में स्थित दशकों पुराना शिव मंदिर श्री शामबुलिंगेश्वर स्वामी को बचाने के लिए सरकार ने नई प्लानिंग की है। इसके तहत मंदिर के उसकी वर्तमान जगह से हटाकर दूसरी जगह फिर से बनाया जाएगा, ताकि दुबारा ये मंदिर पानी में डूब न जाए।

दरअसल, यह प्राचीन मंदिर उदयासमुद्रम जलाशय के पानी में डूब गया था, लेकिन अब यह खूबसूरत मंदिर पानी से बाहर आ गया है। एक अनुमान के मुताबिक, यह शिव मंदिर 11वीं या 12वीं सदी में बना होगा।

पानी में डूबने के बाद भी मंदिर अपने पुराने रूप में ही बना हुआ ये देखकर पुरातत्त्वविद् काफी खुश हैं। मंदिर की नक्काशी और डिज़ाइन बेहद सुंदर है। मंदिर की शानदार नक्काशी और बनी हुई कलाकृतियां निश्चय ही भविष्य और पर्यटकों को आकर्षित करेगा। बहुत अफसोस की बात है कि मंदिर की शोभा बढ़ाने वाले कुछ सुंदर रत्न लूट लिए गए।


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मंदिर की ऊपरी दीवार पर पेरिनी डांस का चित्रण किया गया है। हालांकि, नक्काशी में महिला नर्तकियों को दिखाया गया है, लेकिन पेरिनि नृत्य पारंपरिक रूप से याद्धाओं द्वारा भगवान शिव के सामने किया जाता है।

तेलंगाना सरकार के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के निदेशक ने फैसला किया है कि पूरे मंदिर को ध्वस्त कर दिया जाएगा और पनगल संग्रहालय में एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा। इस मंदिर को विस्थापित करने के साथ ही उस क्षेत्र में पाए गए अन्य मूर्तियों को भी विस्थापित किया जाएगा।

भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस ऐतिहासिक और खूबसूरत मंदिर के विस्थापन से हजारों साल पुरानी धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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