स्पीती वैली में प्लास्टिक के कूड़े से बनाई कलाकृति और लोग इसे सराह रहे हैं

Updated on 21 Sep, 2017 at 2:33 pm

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हिमालय की गोद में बसा लाहौल-स्पीति अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है। यहां आकर लोग इसकी ख़ूबसूरती के कायल हो जाते हैं। लिहाजा इसे हिमालय का दिल भी कहा जाता है। झीलों और हिमखंडों से घिरा यह क्षेत्र दुनियाभर के सैलानियों को आकर्षित करता है।

स्पीति अपनी सुन्दरता के साथ ही आजकल एक ख़ास बात के लिए भी चर्चा में है। दरअसल, नीलिमा वाल्लंगी ने ट्विटर पर लाहौल-स्पीति की ख़ूबसूरत तस्वीर पोस्ट की, जो लोगों को आकर्षित कर रही है। नीलिमा लेखिका हैं और यात्रा करती रहती हैं। यूजलेस प्लास्टिक से बनाई खूबसूरत कलाकृति इस तस्वीर की खासियत है।

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तस्वीर देखने से इतना तो पता चलता है कि लेखिका स्पीति की खूबसूरत वादियों में हैं, लेकिन साथ ही लगा कलाकृति गौर-ए-काबिल है। यह कलाकृति इसलिए ख़ास है कि क्योंकि इसे 30 हज़ार प्लास्टिक की बोतलों से बनाया गया है। इस कलाकृति को उन्हीं बोतलों से बनाया गया है, जिसे हम इस्तेमाल करने के बाद फेंक देते हैं।

कूड़े से कलाकृति बनाने का काम ट्रैवलर्स और एक्टिविस्ट ग्रुप्स ने किया है। इनका कहना है कि प्लास्टिक का इस्तेमाल करना बेहद हानिकारक है। इनसे कलाकृति बनाने से हमारे आनेवाले पीढ़ी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।

फिलहाल, इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। कई लोगों ने ट्वीट पर इस कलाकृति की खूब तारीफ़ की है। हमें भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए और वातावरण और आसपास को खूबसूरत और स्वच्छ रखने में भूमिका अदा करनी चाहिए। ऐसे कदम से इन लोगों ने लाहौल-स्पीति को और भी खूबसूरत बना दिया है।


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