ममता बनर्जी के लिए खतरे की घंटी बन गए हैं कोलकाता के मेयर!

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Updated on 24 Mar, 2018 at 12:34 pm

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विवाहेत्तर प्रेम संबंध, धोखा और फिर तलाक। इस कहानी में सबकुछ है। खास बात यह है कि इस कहानी के मुख्य पात्र कोलकाता के प्रथम नागरिक यानी शहर के मेयर शोभनदेव चटर्जी खुद हैं। नारदा स्कैम में नाम आने से लेकर पत्नी से विग्रह, निजी जिन्दगी में उथल-पुथल और फिर एक महिला मित्र के साथ करीबी होने जैसे तमाम वाकयात ने शोभनदेव की जिन्दगी को एक ऐसी खुली किताब में तब्दील कर दिया है, जिसे लोग चटखारे लेकर पढ़ रहे हैं, अपने तरीके से विवेचना कर रहे हैं और साथ ही अपनी राय बना रहे हैं। पश्चिम बंगाल में दमकल, पर्यावरण व आवासन मंत्री सरीखी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाल रहे चटर्जी न केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी हैं, बल्कि ऐसे कद्दावर राजनेता हैं, जिनका अपना आधार रहा है।

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शोभनदेव चटर्जी और ममता बनर्जी।

पूरा घटनाक्रम कोलकाता शहर के लिए बेहद नया है। इस शहर के लोग राजनेताओं की निजी जिन्दगी में ताक-झांक के आदी नहीं हैं। हालांकि, जब से शोभनदेव का मामला उछला है, तब से अखबार से लेकर सोशल मीडिया तक, इस पर बड़ी बहस हो रही है।

करीब एक महीना पहले शोभनदेव ने पत्नी रत्ना को तलाक देने की कार्रवाई शुरू की थी। उस वक्त विधानसभा की लॉबी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोभनदेव को सार्वजनिक रूप से लताड़ लगाते हुए कहा था कि कोर्ट-कचहरी के चक्कर में वह अपने काम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुल मिलाकर ममता का इशारा यह था कि वह अपनी जिन्दगी के मामलों को बातचीत से सुलझाएं। हालांकि, शोभनदेव पर ममता की इस टिप्पणी के बाद उनके एक महिला मित्र के साथ करीबी होने की बात सार्वजनिक हो गई और लगातार इस संबंध में मीडिया में खबरें आती रहीं। शोभनदेव की महिला मित्र बैशाखी बनर्जी कॉलेज में शिक्षिका हैं और तृणमूल कांग्रेस के लिए भी काम करती हैं।


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विवाद बढ़ने के साथ ही ममता के आदेश पर शोभनदेव की Z प्लस सुरक्षा छीन ली गई। वहीं, इस कार्रवाई के बाद लगभग पूरी तृणमूल कांग्रेस शोभनदेव के खिलाफ हो गई और पार्टी में उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाने लगा, जिसका सितारा गर्दिश में हो।

एक के बाद एक तमाम घटनाक्रमों से दुखी मेयर चटर्जी ने खुद को न केवल पार्टी की गतिविधियों से दूर कर लिया, बल्कि प्रशासनिक कार्यों से भी अलग-थलग दिखने लगे। वह न तो नगर निगम में अपने दफ्तर आ रहे थे और न ही महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल हो रहे थे। चर्चा होने लगी कि वह इस्तीफा दे सकते हैं। इस बीच, मेयर ने पुलिस में अपनी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें फ्लैट से बाहर करने की साजिश रची जा रही है। साथ ही यह भी कहा कि वित्तीय मामलों में पत्नी पर भरोसा करने की वजह से उनकी दिवालिया होने की स्थिति है।

नारदा स्कैम से जुड़े हैं इस विवाद के तार

 



नारदा स्कैम के मामले में ED ने शोभनदेव चटर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के दौरान चटर्जी ने जांच एजेन्सी को बताया था कि उनके तमाम वित्तीय मामलों, बैंक अकाउन्ट्स को उनकी पत्नी संभालती रही हैं। अब आलम यह है कि न केवल शोभनदेव बल्कि उनकी पत्नी भी खुलकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। मेयर पत्नी के खिलाफ खुलकर सामने आ गए और कहा कि रत्ना की शाह-खर्ची की वजह से उनकी माली हालत खराब हो गई है। वहीं, पत्नी का कहना है कि ED और आयकर विभाग को मेयर के आय के स्त्रोतों की जांच करनी चाहिए, जबकि उन्होंने खुद अपनी शाह-खर्ची के बारे में जांच एजेन्सी को बताया है।

मेयर और उनकी पत्नी का झगड़ा इस कदर बढ़ गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस बात की आशंका है कि आपसी विवाद में ये कहीं उन बातों को न लीक कर दें, जिनसे पार्टी को नुकसान हो जाए। यही वजह है कि ममता ने खुद शोभनदेव को कुछ महीनों की छुट्टी लेने की सलाह दे रखी है, जिस पर वह कान नहीं दे रहे।

कुल मिलाकर तृणमूल कांग्रेस के लिए मुश्किल घड़ी है, क्योंकि पंचायत चुनाव सिर पर है और उत्तर 24 परगना के प्रभारी शोभनदेव अपनी निजी जिन्दगी के अग्निकांड को शांत करने की बजाए इसे हवा दे रहे हैं।

अब देखना यह है कि मामला क्या मोड़ लेता है।


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