10वीं बोर्ड में फेल हुआ बेटा, पिता ने पूरे मोहल्ले को दी पार्टी; वजह है बेहद दिलचस्प

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Updated on 16 May, 2018 at 5:09 pm

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स्कूली बच्चों पर एग्जाम में अच्छा परफॉर्म करने का दवाब होता है। खासतौर पर बात अगर बोर्ड परीक्षा की हो तो हर माता-पिता अपने बच्चे को अच्छे नंबरों से पास होते हुए देखना चाहते हैं। लेकिन कई बार जब कोई बच्चा अपने पेरेंट्स की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाता, तो वह उसकी दुसरे बच्चों से तुलना करने लगते हैं। वहीं, अगर कोई बच्चा फेल हो गया तो उसे मां-बाप खूब डांट-फटकार लगाते हैं। इस तरह के व्यवहार से बच्चों के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में कई बार बच्चे तनाव में आकर आत्महत्या तक कर लेते हैं।

ऐसे में हर उस अभिभावक का फर्ज बनता है कि वो अपने बच्चे के मनोबल को टूटने न देकर उसका हौसला बढ़ाएं। उसे आगे बढ़ने की हिम्मत दें।

 

son fail father throws party

indiatoday


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आज हम आपको एक ऐसे पिता के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने बेटे के 10वीं में फेल होने की खुशी में पार्टी दी।

 

दरअसल, मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं के रिजल्ट बीते सोमवार घोषित हुए। इमें कई छात्र-छात्राएं पास हुए तो कई फेल भी हुए। इन्हीं में से एक शिवाजी वार्ड के सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने वाला कक्षा 10वीं का छात्र आशु व्यास छह में से चार विषयों में फेल हो गया। जैसे ही उसका यह रिजल्ट आया, उसके पापा सुरेन्द्र व्यास ने पूरे मोहल्ले को सरप्राइज पार्टी में आने के लिए आमंत्रण दिया।

 

सांकेतिक तस्वीर timesnownews

 



ठेकेदारी का काम करने वाले पिता ने आस-पड़ोस के लोगों को घर पर बुलाया, मिठाई खिलाई और फिर-खाने पीने का भी प्रबंध किया। यहां तक कि पटाखों की गूंज से पूरा मोहल्ला गूंज उठा।

 

son fail father throws party

सांकेतिक तस्वीर dnaindia

लोगों को पहले पता नहीं चला कि आखिर पार्टी किस खुशी में है, लेकिन जब मालूम हुआ कि बच्चे के फेल होने पर सुरेन्द्र पार्टी दे रहे हैं तो सभी हैरान रह गए। इस पार्टी को देने के पीछे की मंशा के बारे में बताते हुए सुरेन्द्र ने कहाः

 

“इस पार्टी का मकसद अपने बेटे को प्रोत्साहित करना है। अक्सर ऐसा होता है कि परीक्षा में फेल होने के बाद बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं और तो और कई बार अपनी जिंदगी समाप्त करने तक का कदम उठा लेते हैं। मैं ऐसे बच्चों को बताना चाहता हूं कि बोर्ड की परीक्षा ही जिंदगी की अंतिम परीक्षा नहीं होती है। जिंदगी में आगे बहुत सारे अवसर आते हैं। मेरा बेटा अगर फेल हुआ है तो वह अगले साल फिर से परीक्षा दे सकता है।”

 

son fail father throws party

सांकेतिक तस्वीर cdn

 

अपने पापा के इस प्यार और सहयोग को देख बेटे आशु ने भी वादा किया कि वो अगले साल अच्छे नंबरों से पास होकर दिखाएगा।

 

इस पिता ने जो किया है वो एक मिसाल है। माता-पिता को बच्चों पर दवाब नहीं डालना चाहिए, बल्कि बच्चों को समझाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।


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