NIT श्रीनगर में 600 जवान तैनात, पुलिस नाराज

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12:31 pm 8 Apr, 2016

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तिरंगा लहराने के मसले पर हुए विवाद के बाद NIT श्रीनगर के कैम्पस को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। यहां पैरामिलिट्री फोर्स की पांच कंपनियां यानी करीब 600 जवान तैनात किए गए हैं। यहां छात्रों की संख्या 1500 के करीब है।

NIT श्रीनगर देश का पहला ऐसा कॉलेज कैम्पस है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स को दी गई है।

बताया गया है कि छात्रों को किसी भी झड़प से बचाने के लिए ये जवान यहां नियमित तौर पर तैनात किए जा सकते हैं।

नाराज है जम्मू-कश्मीर पुलिस

NIT श्रीनगर के कैम्पस को सुरक्षाबलों के हवाले किए जाने से जम्मू-कश्मीर पुलिस में नाराजगी है। गैर-कश्मरी छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज कर चर्चा में आने वाली राज्य पुलिस को देश विरोधी कहे जाने से नाराज है।

लाठीचार्ज की इस घटना की देश भर में निन्दा की गई है और अब कैम्पस या इसके आसपास स्थानीय पुलिस की मौजूदगी नहीं दिख रही है।

हालांकि, गैर-कश्मीरी छात्रों के समूह ने गुरूवार को दावा किया था कि स्थानीय पुलिस संदिग्ध रूप से कैम्पस में अब भी मौजूद है।


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उमर अब्दुल्ला भड़के

NIT श्रीनगर कैम्पस में पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला भड़क गए हैं।



उन्होंने आरोप लगाया कि कैम्पस में पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इशारे पर की गई है।

उमर ने कहा कि संघ लोकल पुलिस को पक्षपाती मानता है और इसलिए यहां केन्द्रीय बलों की तैनाती की गई है।

उपमुख्यमंत्री ने जायज ठहराया

राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने NIT श्रीनगर कैम्पस में पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में गुस्सा है। इसलिए हम हर किसी को सुरक्षा प्रदान करना चाहते हैंं।

सिंह ने गुरुवार को स्टूडेंट्स के खिलाफ किए गए लाठीचार्ज को भी गैरजरूरी करार दिया था।


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