इस सौर विमान ने रचा इतिहास, बिना ईंधन के पूरा किया दुनिया का चक्कर

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Updated on 26 Jul, 2016 at 9:20 pm

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सौर ऊर्जा से चलने वाले विमान इंपल्स-2 ने इतिहास रचते हुए पूरी दुनिया का पहला चक्कर पूरा कर लिया है।

इस सौर विमान ने मार्च 2015 में उड़ान भर अपनी यह यात्रा शुरू की थी। 40,000 किलोमीटर की दूरी पूरा करने के बाद विमान ने आबू धाबी में लैंडिंग की थी।

माना जा रहा है कि ईंधन खपत को आधा करने के लिए इस खास प्रौद्योगिकी को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

साथ ही प्राकृतिक संसाधानों को बचाने के लिए बिना प्रदूषण फैलाए भी अच्छे और साफ जीवन स्तर में सुधार किया जा सकता है।

अपने इस खास उद्देश्य को लेकर सौर इंपल्स के अध्यक्ष और पायलट बटर्रंड पिकार्ड ने आबू धाबी में विमान उतरने से पहले दिए बयान में कहा:


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“दुनिया के लोगों और सरकारों को ऐसे संसाधनों के इस्तेमाल को ज़मीनी स्तर पर शुरू करने की प्रेरणा देने के लिए हमारा ये अभियान जारी रहने वाला है।”

solar impulse

आंद्रे बाएं और बर्ट्रेंड पिकार्ड दाएं ओर gizmag

औसत गति 80 किमी प्रति घंटा से चलने वाला यह विमान बिना एक बूंद ईंधन खर्च किए समूची दुनिया में 16 पड़ावों पर रुका।

अपने इस ऐतिहासिक सफर में सोलर इंपल्स-2 ओमान, भारत, म्यांमार,  चीन, जापान, अमेरिका, स्पेन,  इटली, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात में ठहरा था। उत्तर अमेरिका के इसके पड़ाव में कैलिफोर्निया, एरिजोना, ओकलाहोमा, ओहायो, पेनसिलवेनिया और न्यूयार्क शामिल हैं।

सूर्य की रोशनी में ऊर्जा संग्रह करने वाले इस विमान में 17 हजार से ज्यादा सौर बैट्रियां लगी हुई हैं।

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