स्नैपचैट के सीईओ ने भारत को कभी नहीं कहा गरीब देश, जानिए क्या है सच्चाई

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5:05 pm 16 Apr, 2017

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मोबाइल ऐप ‘स्नैपचैट’ के सीईओ ईवान स्पीगल के कथित तौर पर भारत को गरीब कहने पर भारतीय सोशल मीडिया यूज़र्स ने उन्हें आड़े हाथों लिया।

सोशल मीडिया पर #boycottsnapchat नाम से अभियान छिड़ा हुआ है। लोग#boycottsnapchat और #uninstallsnapchat के साथ ट्वीट कर रहे हैं।

जिन लोगों ने अपने फोन में स्नैपचैट डाला हुआ था उन्होंने फटाफट इसको फोन से हटाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं लोग स्नैपचैट को डिलीट करने वाला स्क्रीनशॉट भी शेयर कर रहे हैं।

snapchat

दरअसल अमेरिकी वैरायटी मैग्ज़ीन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में स्नैपचैट के एक पूर्व कर्मचारी एंथोनी पांप्लिआना का हवाला देते हुए लिखा गया कि सीईओ ईवान स्पीगल ने कहा था कि उनका ऐप सिर्फ़ अमीरों के लिए है और भारत और स्पेन जैसे गरीब देशों में वो अपने ऐप का विस्तार नहीं करना चाहते।


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कंपनी से निकाले गए कर्मचारी एंथोनी पांप्लिआना ने दावा किया कि इवान ने स्नैपचैट ऐप के यूजर्स बेस के ग्रोथ को लेकर 2015 में बैठक के दौरान यह बाते कही थी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

अब इस पूरे विवाद पर स्नैपचैट ने सफाई देते हुए कहा है कि उनकी सीईओ ने ऐसा कोई बयान कभी दिया ही नहीं। उन्होंने मीडिया में आ रही है इस तरह की रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज किया है।

छोटे वीडियो क्लिप पर आधारित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट की पैरेंट कंपनी Snap.in ने ऐसी खबरों को भद्दा मजाक करार दिया है। उन्होंने कहा कि स्नैपचैट सबके लिए है। यह ऐप दुनियाभर में मुफ्त में डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है।

कंपनी के सीईओ ईवान स्पीगल ने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया बल्कि ये उनके साथ काम कर चुके सहयोगी एंथोनी पांप्लिआना की दलील है, जिन्हें स्नैपचैट से निकाल दिया गया था।

आपको बता दे कि भारत में स्नैपचैट के करीब 40 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं। इस ऐप की लोकप्रियता भारत में दिन-ब-दिन बड़ी है। लेकिन इस पूरे विवाद के बाद कई लोगों ने प्ले स्टोर पर जाकर स्नैपचैट के ऐप को एक स्टार दिया। जिससे उसकी रेटिंग गिर गई है।

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