कौन हैं वो 6 लोग, जिनके पास था ‘लाखों करोड़’ का सीक्रेट?

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Updated on 10 Nov, 2016 at 4:05 pm

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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का ऐतिहासिक निर्णय एक रात में ही नहीं लिया गया, बल्कि इस योजना का खाका तैयार करने में 6 लोगों की एक टीम का हाथ है, जिन्होंने इस पूरी योजना को 6 महीने में तैयार किया।

योजना को लागू करने की प्रक्रिया दो महीने पहले ही शुरू हो गई थी, जिसका  मकसद सिर्फ काले धन पर लगाम लगाना ही नहीं, बल्कि जाली नोटों से निजात पाना भी है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, 500 और 1000 के नोट बंद होने, 500 और 2000 के नए नोट आने की जानकारी सिर्फ प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा, पूर्व और वर्तमान आरबीआई गवर्नर, वित्त सचिव अशोक लवासा, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास और वित्त मंत्री अरुण जेटली को ही थी।

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पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम गोविंद राजन (बाएं) और वित्त मंत्री अरुण जेटली (दाएं) पीएम मोदी के साथ theweek



इस बात को सार्वजनिक न करने पर सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस योजना से जुड़े कई कामों को अंतिम रूप देना बाकी था। यही वजह है कि इस बात को दबाकर रखा गया।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवम्बर को पहली बार टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि 500 और 1000 के नोट 8 नवम्बर की मध्यरात्रि से कानूनी अमान्य हो जाएंगे, जिसकी जगह 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए जाएंगे।


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