Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

एकमात्र कन्या सन्तान होने पर केन्द्रीय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा की है सुविधा

Published on 5 March, 2016 at 12:14 pm By

क्या आपको पता है कि एकमात्र कन्या सन्तान को केन्द्रीय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है? केन्द्रीय विद्यालय में दाखिला अपने आप में किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन एकमात्र कन्या सन्तान के लिए इस तरह की सुविधा उपलब्ध है।

इसी तरह के कई और गाइडलाइन हैं, जो केन्द्रीय विद्यालयों में दाखिले को आसान बनाते हैं। हम आपको उन गाइडलाइन्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके तहत इस शिक्षण संस्थान में दाखिला मिलता है।

  1. केन्द्रीय सरकारी कर्मियों या पूर्व सरकारी कर्मियों के बच्चों को दाखिले में तरजीह मिलती है।
  2. केन्द्र सरकार से स्वायत्तता प्राप्त या पब्लिक सेक्टर की कंपनियों या भारत सरकार नियंत्रित उच्च शिक्षा केन्द्रों के कर्मियों के बच्चों को दाखिले में तरजीह दी जाती है।
  3. राज्य सरकार के कर्मियों के बच्चे यहां दाखिला ले सकते हैं।
  4. राज्य सरकार द्वारा स्वायत्तता प्राप्त या पब्लिक सेक्टर की कंपनियों या राज्य सरकार नियंत्रित उच्च शिक्षा केन्द्रों के कर्मियों के बच्चों को दाखिले में तरजीह दी जाती है।
  5. इन विद्यालयों में वे बच्चे भी दाखिला ले सकते हैं, जिनके माता-पिता किसी अन्य देश के नागरिक हैं, लेकिन भारत में काम करते हैं या अन्य किसी कारणवश रुके हुए हैं।
  6. दाखिला होने में बच्चों के माता-पिता के पिछले सात साल में ट्रान्सफर को आधार बनाकर प्राथमिकता दी जाती है।

 

केन्द्रीय विद्यालयों में किसी परियोजना या उच्च शिक्षा संस्थान में काम रहे कर्मियों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर दाखिला मिलता है। उन बच्चों को भी तरजीह दी जाती है, जिनके माता-पिता स्नातकोत्तर होते हैं और लंबे समय के लिए किसी रिसर्च परियोजना से जुड़े होते हैं। यही नहीं, सेवानिवृत्त हो गए सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को भी तरजीह मिलती है।



शिक्षा के अधिकार के तहत प्रतिवर्ष कक्षा 1 से दाखिले के लिए इन नियमों का पालन किया जाता है। इनमें से 25 फीसदी सीट समाज के निम्न वर्ग से आने वाले छात्रों के लिए आरक्षित हैं। कक्षा 2 से कक्षा 8 तक दाखिले के मामलों में उपरोक्त नियमों और रिक्तियों के आधार पर कार्रवाई होती है। कक्षा 9 में दाखिले के लिए एक विशेष टेस्ट परीक्षा का आयोजन होता है और मेरिट लिस्ट के आधार पर छात्रों का दाखिला होता है।

इन विशेष परिस्थितियों में भी होता है दाखिला

केन्द्रीय विद्यालयों में उपरोक्त नियमों के आधार पर दाखिला मिलता है। इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में भी दाखिला लिया जा सकता है।

  1. सांसदों के बच्चों या पौत्र-पौत्रियों को इन विद्यालयों में दाखिला मिल सकता है।
  2. केन्द्रीय विद्यालयों में काम कर रहे या सेवानिवृत्त हुए कर्मियों को भी तरजीह मिलती है।
  3. उन केन्द्रीय कर्मियों के बच्चों को भी दाखिला मिल सकता है, जिनकी अचानक मौत हो गई हो।
  4. परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र, सेना मेडल, नभ सेना मेडल या वायु सेना मेडल प्राप्त जवानों के बच्चे भी इसमें दाखिला लेने योग्य होते हैं।
  5. प्रेसिडेन्ट पुलिस मेडल प्राप्त कर्मियों के बच्चों का भी इसमें दाखिले का प्रावधान है।
  6. ऐसे बच्चे भी इन विद्यालयों में दाखिला ले सकते हैं, जिन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा आयोजित खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया हो और I, II या III स्थान हासिल किया हो।
  7. राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त स्काउट्स व गाइड्स भी इसमें दाखिला ले सकते हैं।
  8. अपने माता-पिता की एकमात्र कन्या सन्तान के लिए भी केन्द्रीय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है। उन्हें फीस भी नहीं देना होता।
  9. राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त बच्चे भी इन विद्यालयों में दाखिला ले सकते हैं।
  10. इन विद्यालयों में ऐसे बच्चे भी दाखिला ले सकते हैं, जिनके माता-पिता शिक्षक हैं और जिन्हें शिक्षकों का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
  11. प्रतिवर्ष एक सांसद अपने क्षेत्र के अधिकतम 6 छात्रों के दाखिले की अर्जी दे सकते हैं।
  12. सशस्त्र बल के शिक्षा विभाग के निदेशक अधिकतम छात्रों के दाखिले की अर्जी दे सकते हैं।

केन्द्रीय विद्यालयों में फीस बेहद कम होती है।

  • इसमें पढ़ने वाली कन्याओं को ट्यूशन फीस तथा विद्यालय विकास निधि में योगदान नहीं देना होता है।
  • सभी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को ट्यूशन फीस तथा विद्यालय विकास निधि में योगदान नहीं देना होता है।
  • सशस्त्र बल या पैरामिलीटरी में ड्यूटी पर अपनी जान गंवाने वाले या विकलांग होने वाले कर्मियों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का प्रावधान है।
  • गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों के बच्चों को ट्यूशन फीस और विद्यालय विकास निधि में योगदान नहीं देना होता है।


Advertisement

 

Advertisement

नई कहानियां

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!


जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका

जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका


प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें


ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं

ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं


Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं

Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Education

नेट पर पॉप्युलर