सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ज्यादा शक्तिशाली है, भारत 75वें नंबर पर

Updated on 26 Oct, 2017 at 10:51 am

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सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट है।

वीजा-फ्री स्कोर 159 के साथ पासपोर्ट इंडेक्स की रैंकिंग में सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे शक्तिशाली माना गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी एशियाई देश के पासपोर्ट को सबसे शक्तिशाली माना गया है। रैंकिंग में अमूमन यूरोपीय देशों का दबदबा रहता था। इस बार भारत रैंकिंग में सुधार करते हुए 75वें पायदान पर है, जबकि पिछले साल यह 78वें स्थान पर था।

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका की रैंकिंग में गिरावट आई है। वो इस बार 154 अंक के साथ छठे स्थान पर है, जबकि जर्मनी 158 अंक के साथ दूसरे और स्वीडन 157 अंक के साथ तीसरे नंबर पर काबिज है। जर्मनी पिछले 2 सालों से सबसे पावरफुल पोजीशन पर था, जो इस बार सिंगापुर ने हासिल कर लिया है।

सिंगापुर के पासपोर्ट को 173 देशों में वीजा-फ्री एक्सेस मिला हुआ है। साथ ही परागवे द्वारा सिंगापुर के पासपोर्टधारकों के लिए नियमों में छूट दी गई है, जिससे सिंगापुर नंबर 1 पर पहुंचने में कामयाब हो सका है। वहीं, लिस्ट में सबसे नीचे अफगानिस्तान है और उसके ऊपर पाकिस्तान की रैंकिंग है।

यह रैंकिंग ग्लोबल फाइनैंशल अडवाइजरी कंपनी ऑर्टन कैपिटल द्वारा जारी की गई है, जिसे ‘ग्लोबल पासपोर्ट पावर रैंक 2017’ कहा गया है। इस रैंकिंग में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश शामिल किए गए हैं।

रैंकिंग में टॉप 10 आनेवाले देश ये रहेः

1. सिंगापुर (159); 2. जर्मनी (158), 3. स्वीडन, दक्षिण कोरिया (157); 4. डेनमार्क, फिनलैंड, इटली, फ्रांस, स्पेन, नॉर्वे, जापान, यूनाइटेड किंगडम (156); 5. लक्समबर्ग, स्विटज़रलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल (155); 6. मलेशिया, आयरलैंड, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका (154); 7. ऑस्ट्रिया, ग्रीस, न्यूजीलैंड (153); 8. माल्टा, चेक गणराज्य, आइसलैंड (152); 9. हंगरी (150); 10. स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, पोलैंड, लिथुआनिया, लाटविया (149).

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