पाकिस्तान क्रिकेट में पहली बार किसी सिख खिलाड़ी को मिली एंट्री, टॉप 30 में शामिल

author image
Updated on 23 Dec, 2016 at 11:20 am

Advertisement

आमतौर पर क्रिकेट खेल में कई रेकॉर्ड बनते रहते हैं, लेकिन सिख समुदाय से उभरते हुए खिलाड़ी महिंदर पाल सिंह ने शीर्ष 30 में जगह बना कर अपने आप में एक विचित्र इतिहास रचने वाले हैं।

हमेशा विवादों में रहने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का भी पसंदीदा खेल क्रिकेट है। लेकिन उसपर गैर-मुस्लिम खिलाड़ियों से भेदभाव करने की बात किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में यह पहला मौका है जब किसी सिख धर्म के क्रिकेटर को टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद बढ़ गई है। उन्होंने सुपर 30 में जगह बना ली है। महिंदर पाल ने लोकल लेवल पर परफॉर्म कर सिलेक्टर्स का ध्यान खींचा था।

महिंदर पाल तेज़ गेंदबाज वकार यूनुस से ख़ासे प्रभावित हैं। उनकी  गेंद की रफ़्तार तो 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक है लेकिन उनके पास गेंद को इन और आउट स्विंग करने की क्षमता है। यदि महिंदर नेशनल टीम में शामिल हुए तो  ऐसे आठवें गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे।

महिंदर पाल पंजाब यूनिवर्सिटी में फार्मेसी के छात्र रहे हैं। उन्हें क्रिकेट खेलने की प्रेरणा अपने पिता डॉक्टर हरजीत सिंह से मिली है जो ख़ुद भी तेज़ गेंदबाज़ रहे हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष शहरयार खान के साथ महिंदर पालbbci



महिंदर पाल ने बीबीसी को बताया कि वे प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, जिसके बाद अब वो ग्रेड टू क्रिकेट खेलेंगे और इसके बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलेंगे। उनका सपना राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में शामिल होने का है।

महिंदर पाल कहते हैं कि उनके दिल में अपने समुदाय की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने का जुनून था। जब उन्हें क्रिकेट शिविर के बारे में पता चला तो फिर उन्होंने कड़ी मेहनत करनी शुरू कर दी थी। और अब जब महिंदर पाल सिंह देश के शीर्ष 30 क्रिकेटरों में शुमार हो गए तो यह भी अपने आप में एक अलग तरह का कीर्तिमान होगा।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement