शिवपुराण: आकस्मिक मृत्यु से पूर्व प्रकृति देती है ये 10 बड़े संकेत

author image
Updated on 2 Dec, 2015 at 4:00 pm

Advertisement

जीवन मृत्युपर्यंत गतिशील है, परन्तु कभी-कभी इसकी गतिशीलता में आकस्मिक ठहराव आ जाता है, जिसे मनुष्य को स्वीकारने में बहुत पीड़ा होती है। अकाल मृत्यु बेहद कष्टकारी होती है। इस पर किसी का भी नियंत्रण नहीं है, अकाल मौत व्यक्ति को संभलने-संभालने का बिना कोई मौक़ा दिए एक झटके में जीवन को छीन लेती है।

Signs before accidental death
exoticindia

कालों के काल महाकाल शिव ने शिवपुराण में माता पार्वती को मृत्यु के संबंध में कुछ विशेष संकेत बताए हैं। इन संकेतों को समझकर यह जाना जा सकता है कि किस व्यक्ति की मौत कितने समय के अंतराल में हो सकती है। ये हैं वो विशेष 10 संकेत, जो प्रकृति मृत्यु के पहले देती है।

1. जिस मनुष्य को चंद्रमा व सूर्य के आस-पास का प्रकाशयुक्त चमकदार घेरा काला या लाल दिखाई देने लगे, तो उस मनुष्य की मृत्यु सिर्फ 15 दिन के भीतर हो जाती है।

2. आयुर्वेद में वर्णित दोषों – वात, पित्त, कफ – इन तीनो में जिसकी नाक बहने लगे, तो समझना चाहिए की उस जातक की आयु महज पंद्रह दिन शेष रह गयी है।

यदि किसी व्यक्ति के मुंह और कंठ बार-बार सूखने लगे तो यह समझना चाहिए कि 6 महीने के भीतर उसकी आयु समाप्त हो जाएगी।

3. जब किसी मनुष्य का बायाँ हाथ लगातार एक हफ्ते तक फड़कता ही रहे, तब उसका जीवन एक मास ही शेष है, ऐसा जानना चाहिए।

जब शरीर के सारे अंगों में उबासी और जीभ सहित तालू सूखी-सूखी लगने लगे , ऐसा मनुष्य केवल एक मास तक ही जीवित रह पाता है।

4. शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति को अग्नि का प्रकाश ठीक से दिखाई न दे और चारों ओर काला अंधकार दिखाई दे तो उसका जीवन भी 6 महीने के भीतर समाप्त हो जाता है।


Advertisement

signs before accidental death

5. यदि किसी व्यक्ति के पास अचानक नीले रंग की मक्खियां आकर भिनकने लगे तो उसके साँस-प्रश्वास क्रम को सिर्फ एक महीने के भीतर ही ख़त्म समझना चाहिए।

signs before accidental death

6. शिवपुराण के अनुसार जिस मनुष्य को ग्रहों के दर्शन होने पर भी दिशाओं का ज्ञान न हो, मन में बैचेनी छाई रहे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने में हो जाती है।

7. जो व्यक्ति हिरण के पीछे होने वाली शिकारियों की भयानक आवाज को भी जल्दी नहीं सुनता, उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है।

जिसे आकाशमंडल में निहारने पर सप्तर्षि तारे न दिखाई देवें, उसकी आयु भी मात्र 6 महीने ही शेष समझनी चाहिए ।

8. यदि किसी व्यक्ति को तालाब, तेल तथा शीशे में भी अपनी परछाई न दिखाई दे, मतलब उसकी आयु 6 माह से अधिक नहीं है।

अकाल मृत्यु से पूर्व अक्सर लोगों को अपना सर दर्पण में आधा दिखलाई पड़ता है ।

9. संवाद के दौरान शिव ने माता पार्वती को यह भी बताया कि “जिस मनुष्य के सिर पर गिद्ध, कौवा अथवा कबूतर आकर बैठ जाए, वह एक महीने के भीतर ही मर जाता है।”

10. जिस मनुष्य को ध्रुव तारा अथवा सूर्यमंडल भी ढंग से दिखाई न दे, तथा रात में इंद्रधनुष और दोपहर में एस्ट्रॉयड गिरते दिखाई दे तो उस मनुष्य की आयु छः मास से अधिक की नहीं होती। ऐसा शिवपुराण में बताया गया है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement