क्या आप भी बालों को कलर कराते हैं? अगर आपका जवाब ‘हां’ में है तो इसे जरूर पढ़िए

Updated on 5 Apr, 2018 at 4:18 pm

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सुन्दर दिखने की चाहत सबमें होती है। खासकर सोशल मीडिया के जमाने में सजने-संवरने का रिवाज फल-फूल रहा है। ऐसे में महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी सुन्दर दिखने की होड़ सी है। फैशन को देखते हुए युवा भी अपने बाल को रंग रहे हैं। हालांकि, इस पर भी ध्यान देना जरूरी है कि क्या हम सुंदर दिखने की चाहत में सेहत से तो खिलवाड़ नहीं कर रहे?

आइए हम आपको यहां बताते हैं कि आखिर बाल को कलर करने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं!

 

 


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अमेरिका के एक शोध की मानें तो हेअर कलर कराने से कैंसर तक का ख़तरा बढ़ जाता है।

 

हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है। हेयर कलर का नेचुरल तरीका अपनाकर इससे बचा जा सकता है। बस इतना ख्याल रहे कि आपके स्कीन को कौन सा कलर सूट करता है। जिस कलर से एलर्जी हो, उससे दूर रहना ही बेहतर होता है।

 

गर्भवती महिलाओं को हेअर कलर से एकदम दूर रहना चाहिए।

इस हालत में हेयर कलर करने से बच्चे को त्वचा संबंधी रोग हो सकता है। हेयर कलर अमूमन नुकसानदायक होता है। इससे बालों की चमक प्रभावित होती है। साथ ही बाल कमजोर होकर टूटने भी लगते हैं।



 

 

केमिकलयुक्त हेयर कलर त्वचा के रोग उत्पन्न करते हैं और आंखों की रोशनी पर बुरा असर डालते हैं।

 

विशेषकर युवाओं को नेचुरल कलर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। बालों को रंगने के बाद इसे सही तरीके से धो लेना चाहिए और फिर तेल लगाना बेहतर होता है। बहुत कम लोगों को पता है कि हेयर कलर में कीटाणु होते हैं। लिहाजा ब्रश और दस्तानों का इस्तेमाल करना बिल्कुल न भूलें।

 

जहां तक हो सके हेयर कलर को अवॉयड करना चाहिए। अगर जरूरी हो तो प्रोफेशनल हेयर कलर करने वालों से ही इसे करवाएं। अधिकतर लोग अपने बालों को खुद ही रंगना पसंद करते हैं, लेकिन ऐसा करना खतरे से खाली नहीं है।


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