कॉन्डम के इन साइड इफेक्ट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप, शर्त लगा लीजिए

Updated on 28 May, 2018 at 3:51 pm

फिल्मों में बिकनी पहनी हीरोइनों को देखने में हमें मज़ा आता है, लेकिन सेक्स के बारे में बात करना आज भी वर्जित है। इसी का नतीजा है कि लोग इस विषय पर इंटरनेट और लोगों की सुनी-सुनाई बातों से अधकचरा ज्ञान लेते हैं। सेक्स की तरह ही कॉन्डम पर ज़्यादा चर्चा नहीं की जाती, यहां तक कि मेडिकल स्टोर से कॉन्डम खरीदने में भी लोगों को शर्म आती है, जबकि यह शर्म नहीं सुरक्षा से जुड़ा मसला है।

कॉन्डम अनचाहे गर्भ को रोकने के साथ ही सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिज़ीज से भी बचाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि कॉन्डम की खराब क्वालिटी और सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं।

तो ये हैं कॉन्डम के कुछ साइड इफेक्ट्स जिनके बारे में कम ही लोग जानते होंगे।

 


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100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं

 

कॉन्डम यदि सही तरीके से इस्तेमाल किया गया है तो भी यह अनचाहे गर्भ से 100 फीसदी नहीं बल्कि 98 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर 100 में से 15 महिलाएं प्रेग्नेंट हो जाती हैं।

 

बीमारियों से व्यापक सुरक्षा के लिए विश्वसनीय नहीं है

 

कॉन्डम शरीर के आंतरिक हिस्सों और इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारियों जैसे – एचआईवी, एचपीवी और बैक्टीरियल डिसीज़ से सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन ये आपको बाहरी इंफेक्शन जैसे खुजली व मोलस्का जैसी संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा नहीं करता। कॉन्डम जानवरों की त्वचा से बने होते हैं और ये एसटीडी रोग को प्रभावित साथी से दूसरे साथी में जाने से नहीं रोक पाते।

 

फटने का डर

 

बाहरी ल्यूब्रीकेंट्स का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। जब आप ज़्यादा आनंद के लिए कुकिंग ऑयल या पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करते हैं तो ये लेटेक्स से प्रतिक्रिया करता है जिससे कॉन्डम फट सकते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि दो कॉन्डम इस्तेमाल करने से ज़्यादा सुरक्षा मिलती है, जबकि ऐसा होता नहीं है, बल्कि दो कॉन्डम इस्तेमाल के समय रगड़ से फट सकते हैं।

 

 

एक्सपायर होते है कॉन्डम

 



आप से बहुत कम लोगों को शायद ये पता हो कि कॉन्डम की भी एक्सपायरी डेट होती है और एक्सपायर्ड कॉन्डम इस्तेमाल के दौरान खराब हो सकता है।

 

 

कॉन्डम से एलर्जी हो सकती है

 

कॉन्डम आमतौर पर लेटेक्स रबड़ से बने होते हैं, जो हैंड ग्लव्स और बलून बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक लेटेक्स रबड़ में जो प्रोटीन होता है उससे कई लोगों को एलर्जी हो सकती है।

 

एलर्जी के लक्षण

 

यदि आपको खुजली, सूजन, सांस लेने में दिक्कत, छींक आ रही है या बेहोशी जैसा लग रहा है तो समझ जाइए कि आपको लेटेक्स से एलर्जी हुई है।

 

 

ये कॉन्डम हैं सुरक्षित

 

बहुत कम लोगों को पता है कि रबड़ लेटेक्स के अलावा नेचुरल स्किन कॉन्डम और सिंथेटिक रबड़ कॉन्डम भी मार्केट में मिलते हैं, तो एलर्जी से बचने के लिए बेहतर है कि आप इन कॉन्डम का इस्तेमाल करें।

 

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