IAS अधिकारी ने एक रिसर्च के लिए दान कर दिया अपना फ्लैट, तीन साल से थीं कैंसर पीड़ित

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Updated on 27 Feb, 2017 at 6:08 pm

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कैंसर की बीमारी से लड़ते हुए 1974 के बैच की पूर्व आईएएस अधिकारी शारवरी गोखले ने अपनी विरासत का एक हिस्सा दान कर दिया। मुंबई की पहली महिला कलेक्टर रहीं शारवरी गोखले करीबन तीन साल तक कैंसर जैसी घातक बीमारी से लडती रहीं और जनवरी 2016 में उनका निधन हो गया था।

उन्हें अपनी मौत का आभास हो चुका था। जाते-जाते नेक कार्य करने के उद्देश्य से उन्होंने मुंबई के पॉश इलाके में बने अपने फ्लैट को सेंटर फॉर ब्रेन रिसर्च (CBR) के नाम कर दिया। आपको बता दें कि CBR बेंगलुरू के भारतीय विज्ञान संस्थान की स्वायत्त संस्था है।

गोखले करीबन 36 सालों तक प्रशासनिक सेवा देने के बाद एडिशनल चीफ सेक्रेट्री के पद से सेवामुक्त हुईं थीं। सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि उन्हें पेट के कैंसर के होने का पता चला। इस रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के पूर्व गृह सचिव ने चंद्र आयंगर ने कहा-

“उन्होंने (शारवरी गोखले) ने लगभग तीन साल तक इलाज करवाया, इसमें कीमोथेरपी और सर्जरी शामिल थीं। जब शारवरी को अहसास हुआ कि वह इस बीमारी के आगे हार रही हैं, तो उन्होंने छह-आठ महीने तक इस बात पर गहरा शोध किया कि उनके धन का अच्छा इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।”

गोखले चाहती थीं कि उनकी जमा पूंजी देश के हित में काम आए। इसे लेकर आयंगर बताते हैंः


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“उन्होंने कहा कि मेरा धन मेरे देश में रहना चाहिए और वैज्ञानिक अनुसंधान में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”

वहीं, सेंटर फॉर ब्रेन रिसर्च के अधिकारियों ने कहा कि गोखले का यह योगदान मानवीय मस्तिष्क से जुड़ी हमारी जानकारी को बढ़ाने में सहायक होगा। खासतौर पर उम्र बढ़ने पर मस्तिष्क में आने वाली परेशानियों के संदर्भ में।

गोखले को विज्ञान के क्षेत्र में खास रुचि थी, यही कारण है कि उन्होंने यह निर्णय लिया।

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